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विभाजन की विभाषिका : सैकड़ों एकड़ जमीन छोड़नी पड़ी
जब मैंने 12 साल की उम्र में अपने पिता हासानंद और मां कृष्णादेवी के साथ पाकिस्तान छोड़ा, तब यह सिर्फ एक देश से दूसरे देश जाने की यात्रा नहीं थी। हमें अपना घर, खेत, जमीन-जायदाद और पूरा संसार पीछे छोड़कर भारत आना पड़ा। मेरे पिता पाकिस्तान के पैडिदान इलाके के बड़े जमींदार थे। हमारे पास [...]
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