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11 निजी आवासीय विद्यालयों का औचक निरीक्षण:बच्चों के रहने, भोजन, सुरक्षा में मिलीं गंभीर कमियां
डीएम बांदा के आदेश के अनुपालन में जिले में संचालित निजी आवासीय विद्यालयों की जांच के लिए नामित अधिकारियों ने 11 विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान बच्चों के रहने, भोजन, सुरक्षा और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं में गंभीर कमियां पाई गईं। प्रशासन ने संबंधित विद्यालयों के प्रबंधकों और संचालकों के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित की है। यह निरीक्षण 18 अगस्त को बीएल आवासीय विद्या मंदिर में दो छात्रों की मौत के बाद जिले के आवासीय विद्यालयों की व्यवस्थाओं की पड़ताल के लिए चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। जांच में दो विद्यालय आरबीएस मॉन्टेसरी पब्लिक स्कूल, सर्वोदय नगर बांदा और चंद्रशेखर पब्लिक स्कूल, तिंदवारी रोड बांदा में आवासीय विद्यालय का संचालन नहीं पाया गया। वहीं, तीन विद्यालय स्वामी विवेकानंद पब्लिक स्कूल, सर्वोदय नगर बांदा; स्वामी रामकृष्ण परमहंस आवासीय विद्यालय, अतर्रा रोड बबेरू; और स्वामी विवेकानंद आवासीय विद्यालय, अतर्रा रोड बबेरू, बेसिक शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त पाए गए और इनमें आवासीय व्यवस्थाएं संचालित मिलीं। इसके अतिरिक्त, छह विद्यालय—हरि प्रसाद सिंगरौर आवासीय विद्यालय, औगासी रोड बबेरू; तथागत ज्ञान स्थली पब्लिक स्कूल अतर्रा; बूटूबाई आवासीय विद्यालय ओरन रोड अतर्रा; सर्वोदय इंटर कॉलेज अमलोखर कमासिन; सरस्वती विद्या मंदिर शास्त्री नगर बांदा; और महारानी लक्ष्मीबाई इंटर कॉलेज जमालपुर बांदा माध्यमिक शिक्षा से मान्यता प्राप्त पाए गए। इन सभी में भी आवासीय विद्यालय संचालित थे। निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार, दो विद्यालयों में बच्चों के दैनिक उपभोग से जुड़ी आवश्यक सुविधाओं का अभाव मिला। सात विद्यालयों में आवासीय बच्चों के भोजन के लिए डाइनिंग टेबल और किचन शेड जैसी पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं थीं। दो विद्यालयों में खाद्यान्न रखने के लिए उचित स्टोर की व्यवस्था भी नहीं पाई गई। सर्वोदय इंटर कॉलेज अमलोखर, कमासिन में बच्चों के भोजन के लिए कोई निर्धारित मेनू नहीं था। चार विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे, आवागमन पंजिका और गार्ड जैसी अनिवार्य व्यवस्थाएं नदारद मिलीं। सात विद्यालयों में बच्चों को दिए जाने वाले भोजन के सैंपल की जांच नहीं कराई जा रही थी, जबकि दो विद्यालयों में बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण भी नहीं कराया गया था।
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