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210 अपराधियों ने हाथ उठाकर ली अपराध छोड़ने की शपथ:अलीगढ़ में लूट-चोरी और डकैती में जेल जा चुके लोगों को पुलिस लाइन बुलाया, SSP बोले- अपराध छोड़कर मुख्यधारा में लौटें
पुलिस लाइन में बुधवार को 210 लोगों ने हाथ उठाकर शपथ ली कि वे अब अपराध नहीं करेंगे और आपराधिक गतिविधियों से दूर रहेंगे। ये वे लोग हैं, जो पिछले करीब छह-साढ़े छह साल में लूट, चोरी, डकैती समेत गंभीर अपराधों में जेल जा चुके हैं और फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। अलीगढ़ पुलिस ने इन्हें कार्रवाई के लिए नहीं, बल्कि अपराध की राह छोड़ने के लिए समझाने और चेताने के उद्देश्य से बुलाया था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नीरज जादौन के निर्देशन में जिले में बुधवार से ‘संवाद से सुधार’ अभियान की शुरुआत की गई। अभियान के पहले कार्यक्रम में सभी थाना क्षेत्रों से आपराधिक इतिहास वाले 210 जमानतशुदा अभियुक्तों को पुलिस लाइन बुलाया गया। पुलिस अधिकारियों ने उनसे सीधा संवाद किया। उन्हें समझाया गया कि जेल से बाहर आने के बाद वे अपराध की पुरानी राह पर लौटने के बजाय सामान्य जिंदगी शुरू करें। सामूहिक शपथ में बोले- भविष्य में अपराध नहीं करेंगे पुलिस अधिकारियों ने अपराध के नुकसान और दोबारा अपराध करने पर होने वाली कानूनी कार्रवाई के बारे में बताया। इसके बाद सभी 210 लोगों को सामूहिक रूप से अपराध से दूर रहने की शपथ दिलाई गई। सभी ने हाथ उठाकर संकल्प लिया कि वे भविष्य में किसी अपराध में शामिल नहीं होंगे। SSP बोले- सुधार का मौका, लेकिन अपराध पर सख्ती SSP नीरज जादौन ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि अपराध को रोकना भी है। जिन लोगों का आपराधिक इतिहास है और वे जमानत पर बाहर हैं, उनसे संवाद कर उन्हें अपराध से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो लोग अपराध छोड़कर सामान्य जीवन जीना चाहते हैं, पुलिस उन्हें सुधार का अवसर और सकारात्मक माहौल देने का प्रयास करेगी। लेकिन यदि कोई दोबारा अपराध में शामिल होता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। आगे भी चलता रहेगा ‘संवाद से सुधार’ पुलिस के मुताबिक यह अभियान एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा। आपराधिक इतिहास वाले जमानतशुदा लोगों से लगातार संवाद किया जाएगा और उन्हें अपराध से दूर रहने के लिए प्रेरित किया जाएगा। पुलिस का मानना है कि अपराधियों पर निगरानी के साथ-साथ संवाद और समझाइश से भी अपराध की पुनरावृत्ति को रोका जा सकता है। कार्यक्रम में जिले के सभी पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अभियान में सहयोग करने की अपील की है, ताकि अपराधियों को मुख्यधारा में लौटने का मौका मिले और समाज को अधिक सुरक्षित बनाया जा सके।
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