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26 साल पुराने सलीम हत्याकांड में फांसी की सजा:फिरौती की रकम न मिलने पर गला रेत दिया था, दो आरोपी मुठभेड़ में मारे गए थे
मुजफ्फरनगर के छपार थाना क्षेत्र के करीब 26 साल पुराने सलीम हत्याकांड में बुधवार दोपहर करीब 2 बजे कोर्ट ने फैसला सुनाया। एफसी थर्ड कोर्ट के जज ने मामले में दोषी ठहराए गए शाहनवाज को फांसी की सजा सुनाई। अदालत ने उस पर 1.10 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। लकड़ी बेचने जाते समय किया था किडनैप सलीम लकड़ी बेचने के लिए जा रहा था। इसी दौरान आरोपियों ने उसका किडनैप कर लिया। आरोप है कि उसके साथ लूटपाट करने के बाद परिजनों से फिरौती मांगी गई थी। फिरौती की रकम नहीं मिलने पर सलीम की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। दो आरोपियों की मुठभेड़ में हो गई थी मौत मामले में पुलिस ने अहसान, शौकीन और शाहनवाज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। मुकदमे की कार्रवाई के दौरान अहसान और शौकीन की पुलिस मुठभेड़ में मौत हो गई। इसके बाद शाहनवाज के खिलाफ अदालत में मुकदमा चलता रहा। सात गवाहों की गवाही और सबूत रखे गए अभियोजन पक्ष की ओर से जिला सहायक शासकीय अधिवक्ता कुलदीप कुमार ने मामले में प्रभावी पैरवी की। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से सात महत्वपूर्ण गवाह पेश किए गए। घटना से जुड़े साक्ष्य भी अदालत के सामने रखे गए। हत्या, अपहरण और लूट में दोषी, सुनाई फांसी की सजा सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने शाहनवाज को हत्या, अपहरण और लूट के मामले में दोषी माना। इसके बाद कोर्ट ने उसे मृत्युदंड की सजा सुनाई। साथ ही 1.10 लाख रुपए का अर्थदंड भी लगाया। 26 साल बाद आया फैसला करीब 26 साल पुराने इस मामले में अदालत का फैसला लंबे समय से चली आ रही न्यायिक प्रक्रिया के बाद आया है। अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी और दोषसिद्धि के बाद सुनाई गई मृत्युदंड की सजा को इस मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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