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28 लाख महिलाएं बनीं परिवार की आर्थिक धुरी
लखनऊ। गांवों कीं महिलाएं कभी घर की चारदीवारी और खेती-किसानी में सहयोग तक सीमित रहती थी। अब ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत प्रदेश में साढ़े दस लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर करीब सवा करोड़ ग्रामीण परिवार आत्मनिर्भर बने है। इनमें से 28 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बनकर ग्रामीण समृद्धि का नया चेहरा बन गई हैं। स्वयं सहायता समूहों से आगे 65,544 ग्राम संगठनों और 3,298 संकुल स्तरीय संघों का ढांचा खड़ा कर महिलाओं को ऐसा संस्थागत आधार दिया गया है, जो उनकी आजीविका को स्थायित्व और कारोबार को विस्तार दे रहा है। मिशन निदेशक अरुण ...
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