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31 साल बाद फिर मिलेंगे 1995 बैच के छात्र:9 राज्यों और विदेशों से पहुंचेंगे 70 पूर्व विद्यार्थी; KCC KV-2 में 22 अगस्त को एलुमनाई सम्मेलन
खेतड़ी नगर के KCC स्थित केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-2 में 1995 बैच के करीब 70 पूर्व विद्यार्थी 31 साल बाद फिर एक साथ जुटेंगे। 22 अगस्त को होने वाले एलुमनाई री-यूनियन में देश के 9 राज्यों के साथ विदेशों से भी पूर्व छात्र पहुंचेंगे। सुबह स्कूल परिसर में पुरानी कक्षाओं, खेल मैदान और प्रार्थना स्थल की यादें ताजा करने के बाद दोपहर में मुख्य समारोह होगा। पूर्व छात्र अपने अनुभव साझा करने के साथ गुरुजनों और स्कूल के प्रति सम्मान भी व्यक्त करेंगे। सुबह स्कूल पहुंचकर पुरानी यादें ताजा करेंगे कार्यक्रम का पहला सत्र 22 अगस्त को सुबह 10:15 बजे केंद्रीय विद्यालय क्रमांक-2 परिसर में होगा। इस दौरान पूर्व छात्र अपने पुराने स्कूल का भ्रमण करेंगे। वे अपनी पुरानी कक्षाओं, खेल मैदान, प्रार्थना स्थल और स्कूल परिसर को देखकर छात्र जीवन से जुड़ी यादों को फिर से ताजा करेंगे। इसके बाद दोपहर 1 बजे खेतड़ी नगर के दीनबंधु मैरिज पैलेस में मुख्य समारोह होगा। यहां सभी पूर्व छात्रों का स्वागत किया जाएगा और विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विदेश समेत 9 राज्यों से पहुंचेंगे पूर्व विद्यार्थी एलुमनाई सम्मेलन में विदेशों से भी पूर्व छात्र शामिल होंगे। पंकज जांगिड़ और भूपेंद्र राजिंदर विदेश से कार्यक्रम में पहुंच रहे हैं। इसके अलावा केरल, झारखंड, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, कर्नाटक, तेलंगाना, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में काम कर रहे पूर्व विद्यार्थी भी सम्मेलन में शामिल होंगे। कार्यक्रम में भारतीय सेना में कर्नल पद पर कार्यरत अनूप नायर के साथ ललिताभ, सुनील चौधरी, स्वाति बनर्जी, रूमा चक्रवर्ती, सरिता, सिंधु नायर और विजयश्री सहित करीब 70 सहपाठी वर्षों बाद एक-दूसरे से मिलेंगे। पुराने अनुभव और यादें साझा करेंगे आयोजन समिति के सदस्य रमेश कुमार यादव ने बताया कि पुनर्मिलन का उद्देश्य पुराने साथियों को दोबारा जोड़ना, उनके जीवन के अनुभव साझा करना और विद्यालय से जुड़ी सुनहरी यादों को ताजा करना है। उन्होंने कहा कि 31 साल बाद होने वाला यह मिलन समारोह सभी पूर्व छात्रों के लिए यादगार रहेगा। आयोजन समिति के सदस्य रोहिताश खेदड़, अनिता शर्मा, शमशेर खान, सुरेश सैनी और सुनीता छिछोलिया ने बताया कि यह सम्मेलन सिर्फ पुराने दोस्तों से मिलने का मौका नहीं है। इसके जरिए पूर्व छात्र अपने विद्यालय और गुरुजनों के प्रति सम्मान भी व्यक्त करेंगे।
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