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आगरा में किरायेदार ही बन जाएंगे अब मकान मालिक:डूडा तैयार कर रहा योजना, किरायेदार को मिलेगा आवास का अधिकार
आगरा में जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) और बीएसयूपी (बेसिक सर्विसेज टू अर्बन पुअर) योजना के तहत बने आवासों में लंबे समय से रह रहे किरायेदारों को ही मकान मालिक बनाने की तैयारी है। पात्रता के आधार पर उन्हें आवास आंवटित किए जाएंगे। ये आवास जिनके के नाम आवंटित थे, उनके आवंटन निरस्त किए जाएंगे। ताजनगरी आवासीय योजना, शास्त्रीपुरम आवासीय योजना, पथौली आवासीय योजना सहित अन्य योजनाओं के तहत बनाए गए आवासों के आवंटन के बाद डूडा विभाग को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि मूल आवंटियों ने स्वयं आवास में रहने के बजाय उन्हें किराये पर उठा दिया है। आगरा में डूडा के तहत बने मकान आवंटियों ने किराये पर उठाए मकान अपर नगर आयुक्त एवं प्रभारी डूडा शिशिर कुमार ने बताया, विभिन्न आवासीय योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद और पात्र लोगों को आवास उपलब्ध कराना है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें मूल लाभार्थियों ने आवास प्राप्त करने के बाद स्वयं वहां निवास नहीं किया और मकानों को किराये पर दे दिया। ऐसे मामलों को गंभीरता से लेते हुए विभाग द्वारा योजना तैयार की जा रही है, ताकि आवासों का वास्तविक उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। ऐसे मामलों की जांच कराकर वास्तविक स्थिति का सत्यापन कराया जाएगा। इसके बाद नियमों और पात्रता के आधार पर किरायेदारों को ही आवास आवंटित किए जाने की प्रक्रिया अपनाने पर विचार किया जा रहा है। आवासों का सत्यापन कराया जा रहा उन्होंने कहा कि आवासीय योजनाओं में मकान आवंटित करने का उद्देश्य लाभार्थियों को सुरक्षित और स्थायी आवास उपलब्ध कराना है, न कि आवास को किराये की संपत्ति के रूप में इस्तेमाल करना। प्रभारी डूडा ने बताया, ताजनगरी, शास्त्रीपुरम, पथौली समेत विभिन्न आवासीय योजनाओं में आवंटित मकानों की स्थिति की जानकारी जुटाई जा रही है। जिन आवासों में मूल आवंटी के बजाय अन्य लोग रह रहे हैं, उनका सत्यापन किया जाएगा। पात्रता पूरी करने वाले किरायेदारों को आवास आवंटित करने की व्यवस्था लागू होने पर इससे उन परिवारों को राहत मिल सकेगी, जो लंबे समय से किराये के मकान में रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि डूडा की योजनाओं में जो लोग किरायेदार के रूप में रह रहे हैं वे भी मकान के लिए आवेदन कर सकते हैं। उनका तहसील स्तर से सत्यापन करा कर मकान आवंटित कर दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरी प्रक्रिया में पात्रता, दस्तावेजों और आवास से संबंधित निर्धारित नियमों का पालन किया जाएगा। डूडा का प्रयास रहेगा कि आवासों का लाभ वास्तविक पात्र व्यक्ति को मिले और सरकारी योजना के उद्देश्य के अनुरूप उनका उपयोग हो।
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