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आजकल गांव में...
आजकल गांव में। प्यार कहां आता है।। भीतर बड़ा शोर है। बाहर सन्नाटा है।। चेहरे को देखो तो। सबको लगा घाटा है।। भाई ने भाई को। कैसा जड़ा चांटा है।। मौसम तो चुपके से। आता है जाता है।। सबकी दोहाई है। सबका विधाता है।। सांय सांय चलता है। दर्द सहलाता है।। कोई दर्द रोता है। [...]
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