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आयुष्मान योजना के नाम पर जबलपुर ले जा रहे थे:डिंडौरी में प्रशासन ने चार संदिग्धों को पकड़ा; 14 मरीजों को घर भेजा, 2 वाहन जब्त
डिंडौरी के शहपुरा क्षेत्र में आयुष्मान योजना के नाम पर ग्रामीणों को इलाज के लिए जबलपुर ले जाने की तैयारी कर रहे चार संदिग्धों को प्रशासन ने पकड़ा है। शनिवार सुबह एसडीएम जमादार फरहान इरफान ने राजस्व विभाग की टीम के साथ पिपरिया माल और कौआ झिर गांव में कार्रवाई की। तहसीलदार के प्रतिवेदन पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मुफ्त इलाज के नाम पर जुटाए जा रहे थे दस्तावेज प्रशासन को सूचना मिली थी कि पिछले दो दिनों से गांवों में मुनादी कर ग्रामीणों को मुफ्त इलाज के नाम पर जबलपुर ले जाने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए ग्रामीणों से समग्र आईडी, आधार कार्ड और आयुष्मान कार्ड लिए जा रहे थे। शनिवार सुबह करीब 7 बजे मरीजों को वाहनों से जबलपुर ले जाने की योजना थी। संदिग्ध वाहनों में 14 मरीज बैठाए जब राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची, तब संदिग्ध वाहनों में 14 मरीज बैठाए जा चुके थे। पूछताछ में पता चला कि मरीजों को जबलपुर के सुख सागर अस्पताल ले जाया जा रहा था। वाहन चालक ने बताया कि इस नेटवर्क में करीब 10 गाड़ियां चलती हैं। एक हजार लोगों को ले जाने की बात कही तहसीलदार आरपी मार्को के प्रतिवेदन में उमेश मिश्रा, अवधेश दुबे, विमल राय और संतोष कुमार पटेल के नाम हैं। प्रतिवेदन के मुताबिक, (एमपी20पीए1209) और (एमपी20एक्सई2589) नंबर के दो वाहनों से मरीजों को ले जाने की तैयारी थी। पूछताछ में उमेश मिश्रा ने क्षेत्र से करीब एक हजार लोगों को इलाज के नाम पर ले जाने की बात कही। कार्रवाई के दौरान मोबाइल फोन और दोनों वाहन जब्त किए गए। मरीजों का कराया स्वास्थ्य परीक्षण एसडीएम ने बताया कि शुरुआती जांच में मरीजों को तत्काल जबलपुर रेफर करने जैसी स्थिति नहीं मिली। इसके बाद शहपुरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मेडिकल टीम को थाने बुलाकर मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। एएसआई घसीटा रजक ने बताया कि तहसीलदार के प्रतिवेदन पर मामला दर्ज कर जांच की जा रही है।
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