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आयुष चिकित्सकों ने मानदेय विसंगति दूर करने की मांग की:मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन, 21 सितंबर को आंदोलन की चेतावनी
बाराबंकी में आयुष डॉक्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश के आयुष चिकित्सकों ने मानदेय में विसंगति दूर करने की मांग की है। उन्होंने मंगलवार शाम 4 बजे मुख्यमंत्री के नाम जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा। एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों से यह ज्ञापन सरकार तक भेजा जा रहा है। एसोसिएशन के अनुसार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत साल 2009-10 से करीब चार हजार आयुष चिकित्सक स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं। ये डॉक्टर मेन स्ट्रीम और आरबीएसके के माध्यम से काम कर रहे हैं। चिकित्सकों ने बताया कि नियुक्ति के समय आयुष और एमबीबीएस डॉक्टरों का मानदेय करीब 24 हजार रुपये हर महीने था। आयुष डॉक्टरों का कहना है कि समय के साथ एमबीबीएस डॉक्टरों के मानदेय में लगातार बढ़ोतरी हुई। वहीं, आयुष डॉक्टरों के मानदेय में उतनी बढ़ोतरी नहीं हुई। उनका दावा है कि अभी एमबीबीएस डॉक्टरों का बेसिक मानदेय करीब एक लाख रुपये हर महीने है, जबकि आयुष डॉक्टरों को सिर्फ 32 हजार रुपये हर महीने मिल रहे हैं। चिकित्सकों ने इसे मानदेय विसंगति बताते हुए सरकार से इसे तुरंत दूर करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे आयुष चिकित्सकों को उचित मानदेय मिलना चाहिए। ज्ञापन के जरिए एसोसिएशन ने सरकार को 20 सितंबर तक फैसला लेने का समय दिया है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि अगर तय समय में उनकी मांग पर कोई सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया, तो 21 सितंबर को पूरे प्रदेश के आयुष डॉक्टर विरोध प्रदर्शन करेंगे। वे उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक के आवास पर पहुंचकर प्रदर्शन करेंगे। डॉक्टरों का कहना है कि वे लंबे समय से ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में मानदेय में समानता और सही वेतन मिलना उनका हक है। ज्ञापन सौंपने वालों में डॉ. रईस खान, डॉ. वीरेंद्र, डॉ. विजय पाल, डॉ. नफीस, डॉ. अमित पाल, डॉ. जावेद, डॉ. सुधीर, डॉ. संध्या, डॉ. अखिलेश, डॉ. देव सिंह, डॉ. सलमान मलिक, डॉ. संदीप और डॉ. अफजल शामिल थे। इनके अलावा भी कई अन्य डॉक्टर मौजूद रहे।
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