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अभिव्यक्ति
सबकी नियती अपनी-अपनी, सबकी अभिव्यक्ति भी अपनी-अपनी होती हे। सभी अपने-अपने अतीत से जुड़े हैं, वर्तमान की समीक्षा तटस्थ हो कर करना थोड़ा मुश्किल होता है। अपने अंधेरे -उजालों से जो साफगोई से निपटता है वही खड़ा रह पाता है। तुम समय की प्रतीक्षा नहीं करते, सत्य तो यह हे कि समय तुम्हारी प्रतीक्षा करता […]
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