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अलीगढ़ के 87 सरकारी स्कूल होंगे स्मार्ट:पहले चरण में 4 करोड़ से बदलेगी सूरत, एक महीने में शुरू होगा काम
अलीगढ़ नगर निगम क्षेत्र के 87 प्राथमिक विद्यालयों का अगले एक साल में कायाकल्प किया जाएगा। इन स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं जुटाने पर करीब 20 करोड़ रुपए खर्च होंगे। पहले चरण में चार महीने में करीब 4 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। नगर निगम अगले सात दिन में टेंडर प्रक्रिया शुरू कराकर एक महीने में काम शुरू कराने की तैयारी में है। स्कूलों में पेयजल, बालक-बालिकाओं के लिए अलग शौचालय, यूरिनल में पानी, टाइल्स, बिजली, फर्नीचर और हैंडवॉश यूनिट जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। रसोईघर, चहारदीवारी और मुख्य द्वार की मरम्मत भी होगी। जर्जर छत और फर्श की मरम्मत के साथ स्कूलों में रंगाई-पुताई कराई जाएगी। खेल मैदान वाले स्कूलों में झूले और जिम जिन स्कूलों में खेल मैदान हैं, वहां बच्चों के लिए झूले और जिम लगाने की योजना है। कक्षाओं में पर्याप्त पंखे और रोशनी की व्यवस्था की जाएगी। दिव्यांग बच्चों के लिए रैंप, रेलिंग और सुलभ शौचालय बनाए जाएंगे। जरूरत वाले स्कूलों में अतिरिक्त कक्षा-कक्ष भी तैयार किए जाएंगे। महापौर प्रशांत सिंघल और नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने शिक्षकों के साथ बैठक कर स्कूलों की समस्याएं और जरूरी सुविधाओं को लेकर सुझाव लिए। शिक्षकों ने स्कूलों में सफाई कर्मचारियों की कमी का मुद्दा उठाया। इस पर नगर आयुक्त ने एक सप्ताह में स्कूलों से कचरा उठाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्कूलों का बिजली बिल भी नगर निगम भरेगा नगर आयुक्त ने कहा कि नगरीय क्षेत्र के स्कूलों के बिजली बिल का भुगतान नगर निगम करेगा। जलभराव और स्कूलों तक पहुंचने वाले खराब रास्तों की समस्या भी चिन्हित कर दूर कराई जाएगी। नगर निगम के आर्किटेक्ट स्कूलों का भौतिक सत्यापन करेंगे। इसी रिपोर्ट के आधार पर कायाकल्प के काम तय किए जाएंगे। स्कूलों के जर्जर भवनों की सूची बीएसए से मांगी गई है। सर्वे के बाद जरूरत वाले भवनों को ध्वस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। काम की निगरानी के लिए 10 सदस्यीय समिति कायाकल्प के काम की गुणवत्ता और प्रगति पर नजर रखने के लिए नगर निगम, शिक्षा विभाग और सामाजिक संगठनों की 10 सदस्यीय संयुक्त समिति बनाई जाएगी। यह समिति स्कूलों में चल रहे निर्माण और सुविधाओं की निगरानी करेगी। महापौर ने कहा कि सरकारी स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ बच्चों को बेहतर शैक्षिक माहौल देना नगर निगम का लक्ष्य है। नगर आयुक्त के मुताबिक, पहले चरण का काम पूरा होने के बाद अगले चरणों में स्कूलों में बाकी जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
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