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अमेठी में पराली जलाने पर 30 हजार तक जुर्माना:डीएम ने निगरानी के निर्देश दिए; जिले और तहसीलों के कंट्रोल रूम 24 घंटे चालू रहेंगे
अमेठी में पराली जलाने पर 30 हजार रुपए तक जुर्माना लगेगा। डीएम शशांक चौधरी और एसपी सरवणन टी ने सोमवार शाम कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक कर निगरानी और कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक शाम 7:30 बजे हुई। डीएम ने कहा कि पराली जलाने की घटनाओं पर निगरानी रखी जाए और किसानों को जागरूक किया जाए। उन्होंने बताया कि पराली जलाने से पर्यावरण और हवा की गुणवत्ता पर असर पड़ता है। इससे मिट्टी की उर्वरता को भी नुकसान होता है। कृषि और राजस्व विभाग के अधिकारियों को गांव-गांव जाकर किसानों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए। खास तौर पर उन गांवों पर ध्यान देने को कहा गया, जहां पिछले साल पराली जलाने की घटनाएं हुई थीं। जिले में एक इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम और सभी तहसीलों में कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे। ये 24 घंटे चालू रहेंगे और शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई करेंगे। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को किसानों से तालमेल कर पराली को निराश्रित गोवंश आश्रय स्थलों में रखने के निर्देश दिए गए। वहां इसका इस्तेमाल चारे और बिछौने के रूप में किया जा सकेगा। कंबाइन हार्वेस्टर चलाने वालों के लिए सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम का इस्तेमाल जरूरी किया गया है। योजना के तहत किसानों को कृषि यंत्रों पर 50 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि फसल अवशेष जलाना दंडनीय अपराध है। दो एकड़ से कम जमीन पर 5 हजार, दो से पांच एकड़ पर 10 हजार और पांच एकड़ से ज्यादा जमीन पर 30 हजार रुपए तक जुर्माना लगेगा। एसपी सरवणन टी ने बीट कांस्टेबलों और ग्राम प्रहरियों को सक्रिय रहने और ड्रोन से निगरानी करने के निर्देश दिए।
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