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AMU हॉस्टल में Gender App से फंसाया बीबीए छात्र:वीएम हॉल के कमरे में बनाया आपत्तिजनक वीडियो और शुरू हुई ब्लैकमेलिंग, जांच में 24 पीड़ितों का सुराग
एक ऐप पर आया छोटा-सा इन्विटेशन 19 वर्षीय बीबीए छात्र को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के हॉस्टल तक ले गया। आरोप है कि यहां उसे कमरे में बुलाकर बंधक बनाया गया, मारपीट की गई और आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड किया गया। इसके बाद यही वीडियो उसके लिए डर और ब्लैकमेलिंग का हथियार बन गया। छात्र के एएमयूकर्मी पिता की शिकायत पर शुक्रवार को सिविल लाइंस में FIR दर्ज हुई तो पुलिस ने जांच शुरू की। कुछ ही घंटों में एक दूसरा पीड़ित सामने आया और जांच की दिशा बदल गई। पुलिस को अब तक करीब दो दर्जन यानी 24 युवकों को इसी तरीके से ब्लैकमेल किए जाने की जानकारी मिली है। इनमें 10 लोगों के नाम-पते पुलिस के हाथ लग चुके हैं। एक आरोपी शाहज़िल हिरासत में है। पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस इस कथित नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। 17 अगस्त की शाम क्या हुआ था? FIR में दर्ज शिकायत के अनुसार घटना 17 अगस्त 2026 की शाम करीब 5:30 बजे की है। 19 वर्षीय पीड़ित बीबीए छात्र उस समय एएमयू के जीएम हॉल में रह रहा था। ऐप पर संपर्क के बाद वह वीएम हॉल पहुंचा। शिकायत में बताया गया है कि कमरे में पहले से कुछ लोग मौजूद थे। छात्र को वहां रोक लिया गया। उसके साथ मारपीट और यौन उत्पीड़न का आरोप है। आरोपियों ने घटना का वीडियो भी बना लिया। छात्र के मुताबिक, आरोपी आपस में बातचीत के दौरान पहले भी कई युवकों को इसी तरह फंसाने की बात कर रहे थे। तहरीर में शाहज़िल, मन्नान, भोला भाई और ऑगी नाम बताए गए हैं। इनके अलावा अज्ञात लोगों के शामिल होने की बात भी कही गई है। ये सभी बाहरी हैं। जबरन एएमयू में रहते हैं। इसके अलावा इनमें एक एएमयू का पूर्व छात्र व एक एएमयू फिजिकल एजूकेशन का कर्मचारी भी शामिल बताया गया है। VIDEO बना तो डर खत्म नहीं हुआ, यहीं से शुरू हुआ असली खेल हॉस्टल की घटना के बाद कथित ब्लैकमेलिंग शुरू हुई। आरोप है कि वीडियो वायरल करने की धमकी देकर छात्र पर लगातार दबाव बनाया गया। उससे ऐसा बयान भी रिकॉर्ड कराया गया, जिसमें वह अपने साथ कोई घटना नहीं होने की बात कह रहा था। परिवार के मुताबिक, घर लौटने के बाद छात्र मानसिक रूप से परेशान था। पिता ने जब उससे बातचीत की तो उसने घटना की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस को शिकायत दी गई। दूसरे पीड़ित ने पुलिस को बताया वही तरीका मामले की जांच कर रही पुलिस के सामने बनादेवी क्षेत्र का दूसरा युवक आया। उसके साथ भी ऐप के माध्यम से संपर्क और बाद में ब्लैकमेलिंग किए जाने की जानकारी मिली। उसकी ओर से भी बन्नादेवी में एफआईआर कराई जा रही है। शुक्रवार शाम तहरीर थाने पहुंच गई थी। जहां लिखा पढ़ी की जा रही थी। इसके बाद पुलिस ने संभावित पीड़ितों के बारे में जानकारी जुटाई। करीब 24 लोगों के नाम सामने आए। इनमें 10 के पते पुलिस को मिल गए हैं। अब इनसे संपर्क कर यह पता लगाया जा रहा है कि उनके साथ क्या हुआ और क्या उनके पास घटना से जुड़े डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं। आरोपी से पूछताछ में नेटवर्क की कड़ियां तलाश रही पुलिस एक आरोपी शाहज़िल को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस उसके मोबाइल, ऐप अकाउंट, चैट और डिजिटल लेनदेन की जानकारी खंगाल रही है। जांच का उद्देश्य केवल आरोपी की भूमिका तय करना नहीं, बल्कि इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों तक पहुंचना भी है। उसके मोबाइल से दस पीड़ितों के वीडियो मिले हैं। पुलिस यह भी पता कर रही है कि कथित तौर पर बनाए गए वीडियो कहां रखे गए, उनका इस्तेमाल किन लोगों को डराने के लिए किया गया और रकम किन खातों या डिजिटल माध्यमों से ली गई। उसने स्वीकारा है कि वे जैंडर एप पर एकाउंट बनाकर लोगों को इन्वाइट करते थे। उनके आने पर प्लानिंग के तहत उनके वीडियो बनाना शुरू करते। तभी उनके दूसरे साथी आकर ब्लैकमेलिंग शुरू कर देते थे। हॉस्टल में आरोपी कैसे पहुंचे, यह भी जांच का हिस्सा घटना का एक अहम पहलू हॉस्टल का कमरा है। शिकायत के मुताबिक छात्र को विकारुल मुल्क हॉल में बुलाया गया था, जबकि वह स्वयं जीएम हॉल में रहता है। ऐसे में पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों की हॉस्टल में पहुंच कैसे हुई और कमरे का इस्तेमाल किस तरह किया गया। यह भी देखा जा रहा है कि क्या किसी छात्र या अन्य व्यक्ति की मदद से आरोपियों को कमरे तक पहुंच मिली थी। पीड़ित छात्र के पिता AMU में कर्मचारी हैं। शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है। FIR 11 सितंबर को सिविल लाइंस थाने में दर्ज की गई। 5 पॉइंट्स में पूरा मामला 1. ऐप पर संपर्क, फिर मिलने का बुलावा पीड़ित बीबीए छात्र के मुताबिक, उसके Gender App अकाउंट पर इन्विटेशन आया था। बातचीत के बाद उसे मिलने के लिए बुलाया गया। छात्र इसके बाद एएमयू के विकारुल मुल्क हॉल पहुंचा। 2. हॉस्टल के कमरे में बनाया वीडियो शिकायत के अनुसार, कमरे में पहुंचने के बाद उसे बाहर नहीं जाने दिया गया। वहां मौजूद लोगों ने उसके साथ मारपीट की और उसका आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड किया। उसकी जेब में रखे 5,600 रुपये लेने का भी आरोप है। 3. वीडियो वायरल करने की धमकी घटना के बाद छात्र को वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी गई। परिवार की प्रतिष्ठा खराब करने का डर दिखाकर उस पर दबाव बनाया गया। आरोप है कि उससे डिजिटल माध्यम से रकम भी ट्रांसफर कराई गई। 4. दूसरे पीड़ित ने खोली नेटवर्क की परत जांच के दौरान बनादेवी क्षेत्र के आईटी रोड इलाके में रहने वाला एक और युवक पुलिस के सामने आया। उसने भी ऐप के जरिए संपर्क और इसके बाद ब्लैकमेल किए जाने की जानकारी दी। दोनों मामलों का तरीका मिलता-जुलता मिलने के बाद पुलिस ने अन्य संभावित पीड़ितों की जानकारी जुटाई। 5. 24 युवकों तक पहुंची जांच पुलिस को अब तक करीब 24 युवकों के इस तरह ब्लैकमेल किए जाने का सुराग मिला है। 10 लोगों के नाम-पते मिल चुके हैं। अब पुलिस इनके बयान दर्ज कराने और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही है। पुलिस के सामने अब 5 बड़े सवाल 1. Gender App के जरिए कितने युवकों को निशाना बनाया गया? 2. 24 संभावित पीड़ितों में कितने लोगों से वास्तव में रकम वसूली गई? 3. हॉस्टल के कमरे तक आरोपियों की पहुंच कैसे हुई? 4. आपत्तिजनक वीडियो कहां सुरक्षित हैं और उनका इस्तेमाल कितने लोगों को धमकाने में हुआ? 5. हिरासत में लिए गए आरोपी के अलावा नेटवर्क में कितने लोग शामिल हैं? यह मामला एएमयू के वीएम हॉल में घटित हुआ है। बीबीए छात्र के साथ हुई घटना की जांच में अब तक एक आरोपी हिरासत में ले लिया गया है। उसके मोबाइल से दस पीड़ितों के वीडियो मिले हैं। इसी क्रम में दूसरा मुकदमा बन्नादेवी में कराया जा रहा है। पूरा मामला जैंडर एप के जरिये ब्लैकमेलिंग का है। जांच में सामने आए तथ्यों और डिजिटल साक्ष्यों को जोड़ा जा रहा है।-सर्वम सिंह सीओ तृतीय
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