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बीएचयू में 'अन्विति-2026' का उद्घाटन:मातृभाषा में शोध-सार प्रकाशन पर जोर, विज्ञान को जन-जन तक पहुंचाएगा संस्थान
वाराणसी में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की हिंदी प्रकाशन समिति द्वारा आयोजित वार्षिक समारोह ‘अन्विति-2026’ का उद्घाटन हिंदी सप्ताह के अंतर्गत संपन्न हुआ। विज्ञान संकाय के प्रमुख प्रोफेसर ए.डी. सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि इतिहास साक्षी है कि वही राष्ट्र निरंतर आगे बढ़ा है, जिसने अपनी मातृभाषा का सम्मान किया और ज्ञान-विज्ञान को उसमें ढालने का साहस दिखाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विज्ञान केवल अंग्रेजी की संपत्ति नहीं है। यदि वैज्ञानिक शोध को आम जन तक पहुंचाना है तो मातृभाषा अपरिहार्य है। प्रो. सिंह ने विज्ञान संकाय से प्रकाशित होने वाली प्रतिष्ठित पत्रिका जर्नल ऑफ साइंटिफिक रिसर्च के संपादक मंडल से विशेष आग्रह किया कि पत्रिका के शोध-सार (ऐब्सट्रैक्ट) हिंदी में भी प्रकाशित किए जाएं, ताकि विश्वविद्यालय के भीतर और बाहर के विद्यार्थी तथा शोधार्थी अपनी भाषा में नवीनतम शोध से जुड़ सकें। उन्होंने हिंदी प्रकाशन समिति को विज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने के अभियान के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि यह प्रयास ‘विज्ञान जन-जन तक’ की भावना को साकार करता है। कार्यक्रम का शुभारंभ हिंदी प्रकाशन समिति के परिचय से हुआ, जिसे डॉ. अभिषेक द्विवेदी ने प्रस्तुत किया। उन्होंने समिति की स्थापना, उद्देश्यों तथा पिछले वर्षों में विज्ञान, साहित्य और संस्कृति के समन्वय में किए गए कार्यों का संक्षिप्त विवरण दिया। डॉ. भूपेंद्र कुमार ने अपनी स्वरचित कविता सुनायी। कार्यक्रम का संचालन साक्षी चौधरी ने किया। धन्यवाद ज्ञापन समन्वयक प्रोफेसर ज्ञानेश्वर चौबे ने किया। उन्होंने कहा कि अन्विति की अवधारणा विज्ञान और हिंदी के बीच सेतु बनाने का संकल्प है। इस अवसर पर प्रोफेसर राजीव रमन, प्रोफेसर ए.के. सिंह, प्रोफेसर बिप्लब कोच, प्रोफेसर राघव मिश्र, डॉ. देवांजन सिन्हा, डॉ. संजीव यादव के साथ देवांश पांडेय, श्रेयांश कश्यप, अमन वर्मा, शुभम साधुखान, साक्षी चौधरी, अंशुमान पांडेय, आस्था देव, अनुष्का आनंद, दीपांशी अग्रवाल और स्वाति कुमारी सहित अनेक शिक्षक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
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