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बिहार से अपहृत किशोर 616 किमी दूर कानपुर में मिला:GRP की सतर्कता से खुला राज, पटना पुलिस को सौंपा गया
कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर सोमवार को जीआरपी की सतर्कता से बिहार से अपहृत एक 14 वर्षीय किशोर को बरामद किया गया। यह किशोर 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत चल रही चेकिंग के दौरान मिला। पूछताछ में उसकी पहचान सामने आने के बाद जीआरपी ने परिजनों से संपर्क किया और शाम 5:30 बजे उसे उनके सुपुर्द कर दिया। जीआरपी कानपुर सेंट्रल के प्रभारी निरीक्षक ओम नारायण सिंह ने बताया कि उनकी टीम नियमित रूप से प्लेटफॉर्म, सर्कुलेटिंग एरिया और यात्री प्रतीक्षालय में चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान सर्कुलेटिंग एरिया में पुलिस की नजर एक अकेले घूम रहे किशोर पर पड़ी। पुलिस ने उसे रोककर पूछताछ की। किशोर ने अपना पता दीदारगंज, पटना, बिहार बताया और अपनी उम्र करीब 14 वर्ष बताई। उसके अकेले मिलने पर जीआरपी ने तत्काल उसके परिजनों से संपर्क करने का प्रयास किया। परिजनों से मिली जानकारी ने पुलिस को चौंका दिया। उन्होंने बताया कि बालक के अपहरण के संबंध में दीदारगंज थाना, जिला पटना में शनिवार को मुकदमा दर्ज कराया गया था। परिजनों के अनुसार, उनका बेटा कोचिंग के लिए निकला था और घर नहीं लौटा था। काफी खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चला था। मामले की गंभीरता को देखते हुए कानपुर जीआरपी ने बालक को अपनी सुपुर्दगी में ले लिया। उसे थाना कार्यालय में बने महिला हेल्प डेस्क पर सुरक्षित बैठाया गया। जीआरपी ने दीदारगंज थाना पुलिस और किशोर के परिजनों को कानपुर सेंट्रल आने के लिए सूचित किया। सूचना मिलने पर दीदारगंज थाने के एसआई रंजन कुमार पुलिसकर्मियों के साथ कानपुर पहुंचे। सत्यापन और आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद किशोर को बिहार पुलिस टीम के सुपुर्द कर दिया गया। जीआरपी की इस तत्परता से अपहृत बालक की सुरक्षित बरामदगी ने 'ऑपरेशन मुस्कान' की प्रभावशीलता को एक बार फिर उजागर किया है। हालांकि, बालक अपहरण के बाद कानपुर कैसे पहुंचा और उसे कौन यहां तक लेकर आया, इस संबंध में विस्तृत जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। मामले की आगे की कार्रवाई बिहार पुलिस द्वारा की जाएगी।
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