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भूतेश्वर महादेव मंदिर में आते हैं भोलेनाथ? ऐसे देते हैं मौजूदगी का संकेत
Sawan Shivratri 2026: बुजुर्गों और इतिहासकारों से मिली जानकारी के अनुसार, यह मंदिर मराठा कालीन है और प्राचीन समय में साधु-संतों की तप भूमि भी रहा है. मान्यता है कि पुराने समय में रात के वक्त मंदिर में भगवान शिव का श्रृंगार अपने आप हो जाता था और मंदिर की घंटियों की आवाज सुनाई देती थी.
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