top
बांदा में 60.45 लाख की कोडीन सिरप पकड़ी, 4 गिरफ्तार:DCM में मिलीं 30 हजार बोतलें, एस्कॉर्ट कार भी पकड़ी; दिल्ली से लाई गई थी खेप
बांदा में पुलिस टीम ने अतर्रा-बिसंडा मार्ग पर एक डीसीएम से करीब 60 लाख 45 हजार रुपए कीमत की कोडीन सिरप बरामद की है। डीसीएम में 250 पेटियों में 100 एमएल की 30 हजार बोतलें थीं। जिनकी कुल मात्रा करीब तीन हजार लीटर बताई गई है। वहीं पुलिस ने मौके से 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी फरार बताया जा रहा है। यूपी एसटीएफ और बिसंडा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने प्रतिबंधित और नशीली दवाओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कार्रवाई की। मुखबिर की सूचना पर डीसीएम को घेरा पुलिस के मुताबिक, यूपी एसटीएफ को जिले में प्रतिबंधित कोडीन सिरप के अवैध परिवहन और सप्लाई की लगातार सूचनाएं मिल रही थीं। बुधवार रात मुखबिर से सूचना मिली कि बड़ी मात्रा में कोडीन सिरप डीसीएम के जरिए बिसंडा क्षेत्र से होकर ले जाई जा रही है। सूचना के बाद एसटीएफ ने डीसीएम को ट्रेस करना शुरू किया। गुरुवार सुबह करीब छह बजे बिसंडा थाना पुलिस से संपर्क कर संयुक्त टीम बनाई गई। इसके बाद अतर्रा-बिसंडा मार्ग पर बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के उत्तरी गोल चौराहे के पास डीसीएम को घेरकर रोक लिया गया। डीसीएम के पीछे चल रही एस्कॉर्ट कार को भी टीम ने पकड़ लिया। 30 हजार बोतल सिरप बरामद तलाशी के दौरान डीसीएम से 250 पेटियों में रखी 100 एमएल की 30 हजार कोडीन सिरप की बोतलें बरामद हुईं। पुलिस ने बरामद सिरप की कीमत करीब 60 लाख 45 हजार रुपये बताई है। दोनों वाहनों को भी कब्जे में लेकर सीज कर दिया गया है। पुलिस ने बिसंडा थाना क्षेत्र के नहर पुरवा निवासी धीरेंद्र, अतर्रा की लखन कॉलोनी निवासी प्रवीण उर्फ लकी, रामलीला मैदान निवासी रोहित और हापुड़ जिले के बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के मैना गांव निवासी डीसीएम चालक शेखर को गिरफ्तार किया है। अतर्रा निवासी प्रियांशू उर्फ किशन को फरार बताया गया है। फर्जी दस्तावेज और रैपर बदलने का आरोप पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि कोडीन सिरप दिल्ली से लाई जाती थी। इसके बाद फर्जी दस्तावेज तैयार कर सिरप के रैपर में बदलाव किया जाता था। आरोपियों के मुताबिक, इसे मेडिकल स्टोर पर बेचने के बजाय नशे के कारोबार में इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस के अनुसार, मौजूदा खेप को अतर्रा, बांदा, चित्रकूट और मध्य प्रदेश के आसपास के जिलों में महंगे दामों पर सप्लाई करने की तैयारी थी। डीसीएम चालक को खेप सुरक्षित पहुंचाने के लिए अलग से 25 हजार रुपये देने की बात भी पूछताछ में सामने आई है। दो आरोपी अतर्रा में करते हैं थोक दवा कारोबार जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों में प्रवीण उर्फ लकी और रोहित अतर्रा में थोक दवा का कारोबार करते हैं। प्रवीण लखन कॉलोनी और रोहित रामलीला रोड क्षेत्र में दवाओं का थोक व्यवसाय करता है। एसटीएफ अब इनके कारोबार और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। दिल्ली और हिमाचल तक जुड़े तार एसटीएफ सूत्रों के अनुसार, कोडीन सिरप की सप्लाई के तार दिल्ली और हिमाचल प्रदेश से जुड़े होने की जानकारी मिली है। मौजूदा खेप दिल्ली से लाई गई थी। जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी पहले हिमाचल प्रदेश से भी प्रतिबंधित सिरप की खेप ला चुके हैं। पूछताछ में आरोपियों के पहले भी कई बार ऐसी खेप क्षेत्र में लाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस अब कथित नेटवर्क के सप्लायर, रिसीवर और खरीदारों की तलाश में जुटी है। इतनी बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित सिरप की खेप पकड़े जाने के बाद बिसंडा क्षेत्र में इसके कथित अवैध कारोबार को लेकर स्थानीय पुलिस की निगरानी पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से प्रतिबंधित सिरप का परिवहन और सप्लाई की जा रही थी। हालांकि, स्थानीय पुलिस की भूमिका और इस नेटवर्क की गतिविधियों के संबंध में जांच अभी जारी है। एसटीएफ और पुलिस यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस कारोबार से और कौन-कौन लोग जुड़े हैं। पुलिस ने बरामद कोडीन सिरप और दोनों वाहनों को कब्जे में लेकर सीज कर दिया है। बिसंडा थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
Read full article on Bhaskar