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डीएम-एसपी अभ्युदय कोचिंग पहुंचे:छात्रों की परीक्षा तैयारी परखी, डीएम ने बताए सफलता के मंत्र
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र-छात्राओं को गुरुवार शाम उस समय सुखद अनुभव हुआ, जब डीएम राजेश कुमार पाण्डेय और एसपी विनय कुमार सिंह अचानक उनकी कक्षा में पहुंच गए। दोनों अधिकारी भ्रमण के दौरान दयानंद वैदिक कॉलेज, उरई पहुंचे थे। यहां यूपीएससी और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विद्यार्थियों को नि:शुल्क कोचिंग दी जा रही है। छात्रों के बीच बैठकर देखी पढ़ाई डीएम और एसपी ने कक्षा में चल रहे अध्यापन कार्य का अवलोकन किया। दोनों अधिकारी विद्यार्थियों के बीच ही बैठ गए और काफी देर तक कक्षा में चल रही पढ़ाई को देखा। अधिकारियों को अपने बीच बैठा देखकर शुरुआत में छात्र-छात्राएं उन्हें पहचान नहीं सके। कुछ देर बाद जब उन्हें अधिकारियों की मौजूदगी का पता चला तो सभी विद्यार्थी खड़े हो गए और ‘गुड आफ्टरनून’ कहकर उनका अभिवादन किया। इसके बाद डीएम ने विद्यार्थियों से सहज माहौल में संवाद किया। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, पढ़ाई के तरीके और विद्यार्थियों की ओर से बनाई गई रणनीति के बारे में जानकारी ली। पाठ्यक्रम और पुराने प्रश्नपत्रों का विश्लेषण जरूरी डीएम राजेश कुमार पाण्डेय ने विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी परीक्षा की तैयारी शुरू करने से पहले उसके पाठ्यक्रम, पात्रता मानदंड और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का सही तरीके से विश्लेषण करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को विश्वसनीय और मूल स्रोतों से तैयारी शुरू करने की सलाह दी। विशेष रूप से एनसीईआरटी की पुस्तकों को आधार बनाकर आगे विषयवार मानक पुस्तकों का अध्ययन करने पर जोर दिया। प्रारंभिक परीक्षा के लिए नोट्स, मुख्य परीक्षा के लिए उत्तर लेखन डीएम ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में केवल पढ़ना पर्याप्त नहीं है, बल्कि नियमित अभ्यास भी जरूरी है। प्रारंभिक परीक्षा के लिए बिंदुवार और संक्षिप्त नोट्स तैयार करने चाहिए। वहीं, मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए लेखन शैली विकसित करते हुए नियमित उत्तर लेखन का अभ्यास करना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से किसी विषय को केवल याद करने के बजाय उसके अलग-अलग पहलुओं और बहुआयामी प्रभावों को समझने की अपील की। डीएम ने कहा कि विषय की गहराई को समझकर उसे आत्मसात करना सफलता के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। मेहनत और अनुशासन से हासिल होती है सफलता डीएम ने विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि अखिल भारतीय स्तर की प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने वाले कई विद्यार्थी सामान्य और साधारण परिवेश से आते हैं, लेकिन उनके प्रयास असाधारण होते हैं। सफलता केवल संसाधनों पर निर्भर नहीं करती, बल्कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और सही दिशा में किए गए प्रयास से हासिल की जा सकती है। उन्होंने कहा कि दृढ़ता, इच्छाशक्ति, आत्मजागरूकता और धैर्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के प्रमुख स्तंभ हैं। विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर नियमित अध्ययन करने, समय का सदुपयोग करने और असफलताओं से निराश होने के बजाय उनसे सीख लेकर आगे बढ़ने की सलाह दी। एसपी बोले- निरंतरता और आत्मविश्वास बनाए रखें एसपी विनय कुमार सिंह ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में निरंतरता और आत्मविश्वास बनाए रखना बेहद जरूरी है। विद्यार्थियों को लक्ष्य के प्रति पूरी तरह समर्पित रहकर मेहनत और लगन से तैयारी करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नियमित अध्ययन और सकारात्मक सोच के साथ विद्यार्थी कठिन से कठिन प्रतियोगी परीक्षा में भी सफलता हासिल कर सकते हैं। अचानक पहुंचे अधिकारियों से छात्रों में उत्साह डीएम और एसपी के अचानक कक्षा में पहुंचने और विद्यार्थियों के बीच बैठकर उनकी पढ़ाई देखने से छात्र-छात्राओं में उत्साह नजर आया। अधिकारियों के संवाद और मार्गदर्शन को विद्यार्थियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उपयोगी और प्रेरणादायक बताया।
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