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डिमर्जर के बाद ऐसा क्या हुआ जो Vedanta को बाजार से चाहिए 3500 करोड़?
अनिल अग्रवाल की लीडरशिप वाली वेदांता लिमिटेड नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCDs) के जरिए 3,500 करोड़ जुटाना चाहती है. पहले 3000 करोड़ के NCD इश्यू के बाद यह कदम, लिक्विडिटी मैनेज करने और फाइनेंशियल जरूरतों को पूरा करने के लिए कंपनी की एग्रेसिव स्ट्रैटेजी को दिखाता है.
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