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डेढ़ सौ साल पुराना मकान गिरा, बाल-बाल बचे चार परिवार:सुबह साढ़े दस बजे तेज आवाज के साथ ढहा अगला हिस्सा, पड़ोसी परिवार दहशत में
मेरठ के सदर ढोलकी मोहल्ला में रविवार सुबह उस समय अफरातफरी मच गई, जब करीब डेढ़ सौ साल पुराने तीन मंजिला मकान का अगला हिस्सा अचानक भरभराकर नीचे आ गिरा। हादसे के समय मकान में चार परिवार मौजूद थे। तेज आवाज के साथ मलबा गिरते ही लोग जान बचाने के लिए आनन-फानन में बाहर निकल आए। गनीमत रही कि मकान के सामने उस वक्त कोई राहगीर या आसपास का व्यक्ति मौजूद नहीं था, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। हादसे के बाद संकरी गली में मलबा जमा हो गया, जबकि मकान का कुछ हिस्सा अब भी हवा में लटका होने से आसपास के लोगों में दहशत है। धर्मपुरी के ढोलकी मोहल्ले में यह करीब 150 साल पुराना मकान है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, करीब 80 साल से कलावती इस मकान में रह रही थीं। मकान में उन्होंने कुछ हिस्से किराये पर भी दे रखे हैं। वर्ष 1982 से राजू अपने परिवार के साथ यहां रह रहे हैं। इसके अलावा विनीत, सोनू और अशोक भी अपने-अपने परिवारों के साथ इसी मकान में रहते हैं। तीन मंजिला मकान में करीब 14 कमरे बने हुए हैं। बारिश के बाद कमजोर हुआ हिस्सा, गिरा पिलर परिवार के लोगों के मुताबिक, शनिवार तड़के करीब चार बजे बारिश हुई थी। बारिश के बाद मकान के अगले हिस्से का एक पिलर गिर गया था। सुबह जब परिवार के लोगों ने देखा तो उन्होंने किसी तरह पिलर और उससे जुड़ा मलबा हटाया। उस समय किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ घंटे बाद ही मकान का बड़ा हिस्सा उनके लिए जानलेवा खतरा बन जाएगा। आवाज सुनकर घर से निकले लोग रविवार सुबह करीब 10:30 बजे अचानक मकान के अगले हिस्से में तेज आवाज हुई और देखते ही देखते काफी बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे आ गिरा। मलबा गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के घरों में रहने वाले लोग भी घबराकर बाहर निकल आए। कुछ ही देर में मोहल्ले के लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। अंदर थे चारों परिवार, बच्चों की भी थी छुट्टी हादसे के समय मकान में रहने वाले चारों परिवार अंदर ही मौजूद थे। अचानक मकान का हिस्सा गिरने से घर के भीतर चीख-पुकार मच गई। लोगों ने किसी तरह खुद को संभाला और आनन-फानन में बाहर निकलकर जान बचाई। मकान में रहने वाले विनीत ने बताया कि रविवार होने के कारण सभी परिवार घर पर ही थे। स्कूली बच्चों की भी छुट्टी थी, इसलिए वे भी घर के अंदर मौजूद थे। उन्होंने कहा कि अगर हादसा किसी सामान्य दिन हुआ होता तो स्थिति बेहद भयावह हो सकती थी। फिर गिरा हिस्सा तो भागने तक का मौका नहीं अभी भी कुछ हिस्सा खतरनाक तरीके से हवा में लटका हुआ है। इससे दोबारा हादसे की आशंका बनी हुई है। मकान के सामने रहने वाली सुनीता जैन ने बताया कि इतना बड़ा हिस्सा गिरने के बाद भी भवन का कुछ भाग खतरनाक स्थिति में है। गली बेहद छोटी है। अगर दोबारा कोई हिस्सा गिरा तो आसपास के लोगों को भागने तक का मौका नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन को तत्काल मौके का निरीक्षण कर खतरनाक हिस्से को हटवाना चाहिए, ताकि किसी की जान न जाए। मलबे से रास्ता भी हुआ बाधित मकान का अगला हिस्सा गिरने के बाद उसका मलबा सीधे घर के सामने संकरी गली में फैल गया। इससे रास्ता भी प्रभावित हुआ। आसपास के लोग लगातार इस बात को लेकर चिंतित रहे कि कहीं मलबे के दबाव या कमजोर हिस्से के कारण दोबारा कोई हिस्सा न गिर जाए। हादसे ने पुराने और जर्जर मकानों से घिरे इस इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। लोग बोले- जर्जर मकान की निगरानी हो स्थानीय लोगों का कहना है कि पुराने मकानों की समय रहते जांच और उनकी जर्जर स्थिति की निगरानी जरूरी है। रविवार को बड़ा हादसा टल गया, लेकिन मकान के बचे हुए हिस्से को लेकर खतरा अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। उनका कहना है कि प्रशासन को इस हादसे का संज्ञान देना चाहिए। प्रभावित परिवारों की मदद करनी चाहिए।
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