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एमएसआई इंटर कॉलेज में सीरतुन्नबी प्रतियोगिता:पैगंबर-ए-इस्लाम की जिंदगी और शिक्षाओं पर विद्यार्थियों ने लिखा निबंध
गोरखपुर में पैगंबर-ए-इस्लाम हजरत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की मुकद्दस सीरत और शिक्षाओं से नई पीढ़ी को परिचित कराने के उद्देश्य से रविवार को एमएसआई इंटर कॉलेज, बक्शीपुर में सीरतुन्नबी कॉम्पिटिशन आयोजित हुआ। अल कलम ट्रस्ट एवं तहरीक उलमा-ए-हिंद की ओर से आयोजित कॉम्पिटिशन में शहर के विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों, मदरसों और मकतबों से पहुंचे सैकड़ों छात्र-छात्राओं के साथ बड़ों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। कॉम्पिटिशन में प्रतिभागियों ने पैगंबर-ए-इस्लाम की मुकद्दस मक्की जिंदगी पर निबंध लिखकर उनके जीवन, संघर्ष, आदर्श चरित्र और शिक्षाओं को अपने शब्दों में प्रस्तुत किया। कॉम्पिटिशन को लेकर प्रतिभागियों में खासा उत्साह रहा। संयोजक कारी मुहम्मद अनस नक्शबंदी ने कहा कि पैगंबर-ए-इस्लाम ने तौहीद, इंसानियत, अदब, मोहब्बत, न्याय और भाईचारे पर आधारित समाज की स्थापना की। उन्होंने बड़ों के सम्मान, छोटों से प्रेम, कमजोरों के प्रति सहानुभूति, बच्चों से मोहब्बत, महिलाओं के सम्मान और मजदूरों के साथ उचित व्यवहार की शिक्षा दी। विजेताओं की घोषणा सितंबर में होगी उन्होंने कहा कि कॉम्पिटिशन का उद्देश्य नई नस्ल को पैगंबर-ए-इस्लाम की मुकद्दस जिंदगी और शिक्षाओं से रूबरू कराना है, ताकि युवा दीन और दुनिया दोनों में कामयाबी हासिल कर सकें। वरिष्ठ शिक्षक मुजफ्फर हसनैन रुमी ने बताया कि कॉम्पिटिशन के विजेताओं की घोषणा सितंबर के अंतिम सप्ताह में की जाएगी। उन्होंने कहा कि दीन-ए-इस्लाम पूरी इंसानी बिरादरी की हिफाजत, अमन, भाईचारे और नैतिक मूल्यों का संदेश देता है। पैगंबर-ए-इस्लाम की शिक्षाएं इंसान को बेहतर आचरण और जिम्मेदार जिंदगी जीने की राह दिखाती हैं। कॉम्पिटिशन को सफल बनाने में प्रधानाचार्य मुख्तार अहमद, मुफ्ती मुहम्मद अजहर शम्सी, मंजूर अहमद, मुफ्ती अख्तर हुसैन, हाफिज रहमत अली निजामी, नेहाल अहमद, आसिफ महमूद, मो. आजम, नवेद आलम, हाजी फैज अहमद, शहबाज सिद्दीकी, हाफिज नजरे आलम, पार्षद नूर मोहम्मद, मो. एख्लाक, मौलाना महमूद रजा, जीशान अहमद, मो. इब्राहीम, अब्दुल अहद, मिनहाजुद्दीन अंसारी, मो. सदफ, मो. शुएब, बेलाल अहमद, कारी नसीमुल्लाह, अली गजनफर शाह, कारी सरफुद्दीन, सैयद नदीम अहमद, शीरीन आसिफ, आयशा खातून, ज्या वारसी, आस्मां खातून, आयशा फसीही, हाजी सेराज अहमद, जिक्रा शेख़, शाहनवाज अहमद, विमलेश, आजम हसन, अनुजा आदि का सहयोग रहा।
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