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फर्रुखाबाद की कांशीराम कॉलोनी में घुसा पानी:1200 आवासों में भूतल के कमरों में भरा गंदा पानी; 10 दिन से जलभराव, रिश्तेदारों के यहां गए परिवार
फर्रुखाबाद में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंचने के बीच शहर से सटी हैबतपुर गढ़िया की काशीराम कॉलोनी में पानी घुस गया है। कॉलोनी के भूतल पर बने कमरों में पानी भरने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। चारों तरफ पानी भरा होने के कारण निवासियों को इसी गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। कॉलोनी के लोगों का कहना है कि यहां जमा पानी सिर्फ बाढ़ का नहीं है, बल्कि कटे हुए नाले का पानी भी इसमें शामिल है। उनका आरोप है कि नगर पालिका का कच्चा नाला कॉलोनी की ओर आता है और अक्सर कट जाता है। इसी वजह से बारिश और बाढ़ के दौरान हर साल यहां जलभराव की स्थिति बन जाती है। 1200 आवास, भूतल के अधिकांश घर पानी में काशीराम कॉलोनी में करीब 1200 आवास हैं। इनमें से भूतल पर बने अधिकांश घरों के कमरों में पानी भर गया है। पानी घरों के अंदर पहुंचने के कारण कई परिवार अपने कमरे छोड़कर रिश्तेदारों के यहां चले गए हैं। 10 दिन से ज्यादा समय से भरा है पानी स्थानीय लोगों के मुताबिक कॉलोनी में 10 दिन से अधिक समय से पानी भरा हुआ है। जलभराव के कारण रोजमर्रा के काम के लिए भी लोगों को गंदे पानी से होकर निकलना पड़ रहा है। लोगों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। विनय गुप्ता बोले- कच्चा नाला कटने से बढ़ी समस्या कॉलोनी निवासी विनय गुप्ता ने बताया कि यहां भरा पानी बाढ़ और नाले दोनों का है। उन्होंने कहा कि नाला एक तरफ कच्चा है और उसके कट जाने से पानी कॉलोनी में आ गया। उनके मुताबिक 10 दिन से अधिक समय से पानी भरा है और लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। सुरेंद्र गुप्ता बोले- नीचे के सभी कमरों में पानी सुरेंद्र गुप्ता ने बताया कि पूरी कॉलोनी में पानी भरा हुआ है। नीचे बने लगभग सभी कमरों में पानी पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि बाढ़ का पानी अपेक्षाकृत कम है, जबकि नाले का पानी ज्यादा है। इससे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। गजराज बोले- हर काम के लिए गंदे पानी से गुजरना पड़ता है कॉलोनी निवासी गजराज ने बताया कि 10 दिन से ज्यादा समय से पानी भरा है। लोगों को गंदे पानी से होकर ही आना-जाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी जरूरी काम के लिए घर से बाहर निकलना हो तो गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है, लेकिन समस्या की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा।
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