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गोमतीनगर में 40 लाख की चोरी करने वाले तीन गिरफ्तार:बिना नंबर की बाइक से रेकी कर रात में करते थे वारदात, सोने-चांदी के जेवर और नकदी बरामद
लखनऊ गोमतीनगर के विश्वासखंड में मकान का ताला तोड़कर करीब 40 लाख रुपए के जेवर और नकदी चोरी करने वाले गिरोह के तीन आरोपियों को आरआर बंधा रोड के पास गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी के सोने-चांदी के जेवर, 5 हजार रुपए नकद और तांबे की छिलन बरामद हुई है। बरामद जेवर विश्वासखंड में हुई चोरी समेत चार मुकदमों से संबंधित बताए गए हैं। 26 अगस्त की रात से 30 अगस्त के बीच हुई थी चोरी विश्वासखंड निवासी अनघ शुक्ल ने 30 अगस्त को गोमतीनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 26 अगस्त की रात करीब 10:45 बजे से 30 अगस्त सुबह 9:20 बजे के बीच अज्ञात चोरों ने मकान का ताला और कुंडी तोड़ दी। इसके बाद लोहे की अलमारी का कब्जा काटकर उसमें रखे दो सेट सोने के हार, चार सोने की चूड़ी, दो सोने की चेन, तीन अंगूठियां, एक ब्रेसलेट, दो लाख रुपए नकद समेत करीब 40 लाख रुपए का सामान चोरी कर लिया। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। चोरी के खुलासे के लिए पुलिस टीम विश्वासखंड क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही थी। इसी दौरान फुटेज में एक मोटरसाइकिल पर तीन संदिग्ध नजर आए। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि यही तीन लोग दोबारा विश्वासखंड में बंद मकानों की रेकी कर रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने 10 सितंबर को आरआर बंधा रोड के पास घेराबंदी कर बडूपुर बाराबंकी निवासी मो. तफहीम उर्फ राजू, ठाकुरगंज निवासी अरुण वर्मा और डूडा कॉलोनी चिनहट निवासी सुमित कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 4 पीली धातु के कंगन, 3 पुरुषों की अंगूठियां, एक सोने का हार, सफेद मोती लगा हार, दो सोने की चेन, एक ब्रेसलेट, दो जोड़ी सोने की झुमकियां और सफेद मोती वाले दो जोड़ी कान के टॉप्स बरामद किए। आरोपियों ने चार चोरी की घटनाओं की बात कबूल की। पहले चोरी में जेल जा चुका है तफहीम पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार मो. तफहीम उर्फ राजू पहले भी चोरी के मामलों में जेल जा चुका है। वह अपने गांव के साथी शोएब के साथ चोरी की वारदातें करता था। शोएब के जेल जाने के बाद तफहीम ने अधिक पैसा कमाने का लालच देकर सुमित और अरुण को अपने गिरोह में शामिल कर लिया। बिना नंबर की बाइक से करते थे रेकी पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य बिना नंबर प्लेट की मोटरसाइकिल से इलाके में घूमकर बंद मकानों की रेकी करते थे। सुनसान और बंद मकान चिन्हित करने के बाद रात में उनकी बाउंड्री लांघकर ताला तोड़ा जाता था। चोरी का सामान किसी सुरक्षित स्थान पर छिपा दिया जाता था। इसके बाद मौका मिलने पर जेवर और अन्य सामान बेचकर पैसा कमाते थे। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़ी अन्य चोरी की घटनाओं और फरार साथियों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
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