top
गोरखपुर विश्वविद्यालय में दीक्षारंभ समारोह:अमित बथवाल बोले- समाज को समझने के लिए प्रैक्टिकल नॉलेज जरूरी
गोरखपुर में 25 अगस्त को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग में मंगलवार को दीक्षारम्भ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बथवाल ग्रुप ऑफ कंपनीज के अध्यक्ष अमित बथवाल रहे। अध्यक्षता कला संकाय के अधिष्ठाता प्रो. राजवंत ने की। मुख्य अतिथि अमित बथवाल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि समाज को समझने के लिए केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यावहारिक अनुभव भी बेहद जरूरी है। विद्यार्थियों को अपने आसपास के लोगों और सामाजिक परिवेश को समझना चाहिए, क्योंकि व्यक्ति समाज से निरंतर सीखता है। छोटे-छोटे लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ें उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी फैक्ट्री में आने और उद्योग की कार्यप्रणाली को प्रत्यक्ष रूप से समझने का आमंत्रण भी दिया। उन्होंने कहा कि पढ़ाई और डिग्री का अपना महत्व है, लेकिन जीवन में आसपास के लोगों से मिलने वाला अनुभव भी उतना ही महत्वपूर्ण है। अध्यक्षीय संबोधन में प्रो. राजवंत ने कहा कि जब शैक्षणिक संस्थानों के विचार समाज और उद्योग की आवश्यकताओं से जुड़ते हैं, तो नई संभावनाओं का विकास होता है। उन्होंने विद्यार्थियों से बड़े लक्ष्यों को हासिल करने के लिए पहले छोटे-छोटे लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें पूरा करने की सलाह दी। विभागाध्यक्ष प्रो. सुभी धुसिया ने कहा कि समाजशास्त्र केवल किताबों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि दैनिक जीवन और सामाजिक बदलावों को समझने का महत्वपूर्ण माध्यम है। प्रो. संगीता पाण्डेय ने विभाग के इतिहास, विकास, उपलब्धियों और विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन डॉ. दीपेंद्र मोहन सिंह ने किया, जबकि डॉ. प्रकाश प्रियदर्शी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर पर प्रो. अनुराग द्विवेदी, प्रो. अंजू, डॉ. पवन कुमार, डॉ. पूजा त्रिपाठी, डॉ. विनय गुप्ता सहित शोधार्थी और नवप्रवेशी विद्यार्थी उपस्थित रहे।
Read full article on Bhaskar