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गोंडा में पूर्व लेखा अधिकारी से 78 लाख ठगे:CBI चीफ बताकर 1 महीने तक डिजिटल अरेस्ट किया, बोला- PAK आर्मी चीफ से मिले हो
गोंडा में साइबर ठगी का गंभीर मामला सामने आया है। नगर कोतवाली क्षेत्र के सुभाष नगर निवासी जिला पंचायत के रिटायर्ड लेखा अधिकारी राजकुमार श्रीवास्तव से जालसाजों ने डिजिटल अरेस्ट कर करीब 78 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित ने 28 अक्टूबर की शाम करीब 6 बजे गोंडा साइबर क्राइम थाने में तहरीर दी, जिसके आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया। मामले में प्राथमिकी की कॉपी गुरुवार शाम करीब 6:30 बजे सामने आई। पीड़ित के मुताबिक, 22 सितंबर को उनके पास व्हाट्सऐप कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को सीबीआई चीफ बताकर उन्हें डिजिटल अरेस्ट कर लिया। आरोपियों ने 23 अक्टूबर तक करीब एक महीने तक उन्हें डराकर रखा और इस दौरान कुल 78 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए। पाकिस्तान के आर्मी चीफ को जानकारी देने का लगाया आरोप जालसाजों ने राजकुमार श्रीवास्तव पर पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर और उनके गिरोह से जुड़े होने का आरोप लगाया। उनसे कहा गया कि उन्होंने भारत के कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज और गोपनीय जानकारियां उन लोगों को दी हैं। इसके बाद एक अन्य कॉल में आरोपी ने खुद को इंटेलिजेंस ब्यूरो का अधिकारी बताया। उसने कहा कि देश की महत्वपूर्ण जानकारियां साझा करने और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में सीबीआई और इंटेलिजेंस ब्यूरो उनकी जांच कर रहे हैं। कार्रवाई से बचने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक के खाते में रुपये जमा कराने को कहा गया। 68 लाख देने के बाद 10 लाख और ट्रांसफर कराए आरोपियों की बातों से डरकर राजकुमार श्रीवास्तव ने अपने पंजाब नेशनल बैंक खाते से 50 लाख रुपये और इंडियन बैंक खाते से 18 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। इसके बावजूद जालसाजों ने कहा कि मामला अभी खत्म नहीं हुआ है और उन्हें 10 लाख रुपये और देने होंगे। पीड़ित के मुताबिक, इसके बाद उन्होंने अपनी कुछ संपत्तियां बेचकर 10 लाख रुपये और आरोपियों के खाते में जमा कर दिए। रकम मिलने के बाद जालसाजों ने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया और व्हाट्सऐप कॉल उठाना भी बंद कर दिया। इस तरह उनसे कुल 78 लाख रुपये की ठगी की गई। आईटी एक्ट समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज ठगी का एहसास होने पर राजकुमार श्रीवास्तव ने 28 अक्टूबर को गोंडा साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आईटी एक्ट की धारा 66D और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 308, 318(4) और 319(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच साइबर क्राइम थाना प्रभारी सत्य प्रकाश यादव को सौंपी गई है। जांच के लिए दो टीमें गठित गोंडा सदर के सीओ अभिषेक दवाच्या ने गुरुवार शाम करीब 6 बजे बताया कि राजकुमार श्रीवास्तव ने साइबर क्राइम थाने में डिजिटल अरेस्ट कर ठगी किए जाने की शिकायत दी है। मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और जांच के लिए दो टीमें गठित की गई हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान कॉल के झांसे में न आएं। यदि इस तरह का फोन आता है तो तत्काल नजदीकी साइबर थाने को सूचना दें। किसी के साथ ओटीपी या अन्य निजी जानकारी साझा न करें। वहीं, जब इस मामले में पीड़ित राजकुमार श्रीवास्तव से फोन पर बात की गई तो उन्होंने अपनी पहचान गोपनीय रखने की बात कहते हुए मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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