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Hanging Glacier: बद्रीनाथ पर मंडरा रहा बड़ा खतरा! क्या होता है हैंगिंग ग्लेशियर? जिसके टूटने से मच सकती है तबाही
बद्रीनाथ शहर पर तीन हैंगिंग ग्लेशियरों के टूटने का खतरा मंडरा रहा है. 28 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित एक स्टडी में सबसे बड़े ग्लेशियर के टूटने से होने वाले संभावित नुकसान का आकलन किया गया है. इसके मुताबिक, बर्फ का हिमस्खलन होने पर करीब 398 इमारतें, 2.66 किलोमीटर सड़कें और दो पुल प्रभावित हो सकते हैं. जानिए इस हैंगिंग ग्लेशियर के बारे में. क्या है हैंगिंग ग्लेशियर? हैंगिंग ग्लेशियर बर्फ के पिंड होते हैं जो पहाड़ों की ढलानों पर होते हैं या घाटी के तल से अलग होकर चट्टानों पर अचानक खत्म हो जाते हैं. इनके अलग होने या ढलान के टूटने का खतरा रहता है, जिससे बर्फ के हिमस्खलन हो सकते हैं, जिससे कम समय में बहुत ज़्यादा पानी और मलबा निकल सकता है. रिसर्च क्या कहती है? ‘बद्रीनाथ टाउनशिप में हैंगिंग ग्लेशियर के हिमस्खलन का खतरा’ नाम की इस रिसर्च में बद्रीनाथ शहर के आसपास मौजूद तीन हैंगिंग ग्लेशियरों का अध्ययन किया गया. वैज्ञानिकों ने सैटेलाइट तस्वीरों और कंप्यूटर मॉडल की मदद से यह समझने की कोशिश की कि ग्लेशियर का कितना हिस्सा टूटकर नीचे गिर सकता है और बर्फ किस रास्ते से आगे बढ़ेगी. इसके लिए वैज्ञानिकों ने RAMMS नाम के कंप्यूटर मॉडल का इस्तेमाल किया. इसमें बर्फ के कम, मध्यम और तेज गति से नीचे आने की अलग-अलग स्थितियों का आकलन किया गया. स्टडी के मुताबिक, ग्लेशियर से टूटने वाली बर्फ की मात्रा, पहाड़ की ढलान और नीचे का रास्ता यह तय करते हैं कि हिमस्खलन कितनी दूर और कितनी तेजी से पहुंचेगा. ज्यादा बर्फ और खड़ी ढलान होने पर नुकसान का खतरा बढ़ सकता है. हालांकि, अलग-अलग स्थितियों में किए गए आकलन के नतीजों में बहुत ज्यादा अंतर नहीं पाया गया. हो सकता है बड़ा खतरा तीनों ग्लेशियरों में से साइट 2 को बद्रीनाथ के लिए सबसे ज्यादा खतरे वाली जगह बताया गया है. स्टडी के मुताबिक, यहां बर्फ का बड़ा हिमस्खलन होने की स्थिति में करीब 398 इमारतें, 2.66 किलोमीटर सड़कें, 3.87 हेक्टेयर खेती की जमीन और 15.57 हेक्टेयर जंगल प्रभावित हो सकते हैं. इसके अलावा हेलीपैड और पार्किंग जैसी जरूरी सुविधाएं भी खतरे के दायरे में आ सकती हैं. चेतावनी जारी की वैज्ञानिकों ने इस खतरे से निपटने के लिए शुरुआती चेतावनी प्रणाली, बेहतर निर्माण योजना और स्थानीय लोगों को जागरूक करने की जरूरत बताई है. बद्रीनाथ में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, इसलिए समय रहते तैयारी करना जरूरी है. यह खबर भी पढ़ें: दिल्ली की सड़क पर डांसर गर्ल ने दिखाया गजब का साहस, आईफोन छीनकर भाग रहे थे बदमाश, स्कूटी से टक्कर मारकर पकड़ा
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