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हरदोई में 'विकसित भारत जी राम जी' अधिनियम पर सम्मेलन:जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती ने किया शुभारंभ, प्रावधानों की जानकारी दी
हरदोई के विकास भवन स्थित स्वर्ण जयंती सभागार में सोमवार शाम 5 बजे जिला स्तरीय पंच सम्मेलन आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सम्मेलन में पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों के साथ विकास विभाग और रोजगार से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य 'विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम-2025' के विजन, उद्देश्यों और प्रावधानों की जानकारी देना रहा। पंचायत प्रतिनिधियों को बताई अधिनियम की उपयोगिता जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती ने अधिनियम की वर्तमान प्रासंगिकता और इसके लक्ष्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और रोजगार से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। मुख्य विकास अधिकारी ने पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका और उनके दायित्वों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि योजनाओं के प्रभावी संचालन के लिए पंचायत प्रतिनिधियों और अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। 318 कार्य 4 श्रेणियों में होंगे उपायुक्त श्रम रोजगार ने विकसित ग्राम पंचायत योजनाओं की तैयारी, अनुमोदन और परिवारों के पंजीकरण से जुड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने ग्रामीण रोजगार गारंटी से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी चर्चा की। अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि योजना के तहत प्रस्तावित 318 कार्यों को चार प्रमुख श्रेणियों में बांटा गया है। इनमें जल सुरक्षा, ग्रामीण आधारभूत संरचना, ग्रामीण आजीविका और आपदा प्रबंधन शामिल हैं। वित्तीय वर्ष में अधिकतम 125 दिन रोजगार सम्मेलन में बताया गया कि 'विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम-2025' के तहत श्रमिकों को एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 125 दिनों तक रोजगार उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इसके साथ ही कृषि कार्य की अधिकता वाले समय में श्रमिकों के लिए 60 दिनों के अवकाश की व्यवस्था किए जाने की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि इसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार के साथ बेहतर आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है। महिलाओं, युवाओं और स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी पर जोर कार्यक्रम में स्थायी विकास के साथ महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय भागीदारी पर विशेष जोर दिया गया। युवाओं और स्थानीय समुदाय को योजनाओं से जोड़ने तथा केंद्र और राज्य के सहयोग से मजबूत वित्तीय ढांचा तैयार करने पर भी चर्चा हुई। रोजगार के साथ कौशल विकास मिशन को जोड़ने और ग्राम पंचायतों को अधिक अधिकार देने जैसे विषय भी सम्मेलन में उठाए गए। AI और पीएम गतिशक्ति से होगी पारदर्शिता अधिकारियों ने बताया कि योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए युक्तधारा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और पीएम गतिशक्ति जैसी तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इन तकनीकों के जरिए योजनाओं की बेहतर निगरानी, कार्यों की प्राथमिकता तय करने और विकास कार्यों को अधिक प्रभावी तरीके से लागू करने पर जोर दिया जाएगा। BDO से लेकर ग्राम प्रधान तक हुए शामिल सम्मेलन में सभी कार्यक्रम अधिकारी, खंड विकास अधिकारी, अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारी, तकनीकी सहायक, ग्राम रोजगार सेवक, ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और पंचायती राज संस्थाओं के अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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