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हॉस्टल मैस में खाद्य सुरक्षा टीम का छापा:नमूने जांच के लिए भेजे, गंदगी पर इंप्रूवमेंट नोटिस जारी; 1 लाख रुपए जुर्माना
‘शुद्ध आहार, मिलावट पर वार’ अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा दल ने मेडिकल कॉलेज झालावाड़ और इंजीनियरिंग कॉलेज झालरापाटन के हॉस्टल की मैस का औचक निरीक्षण किया। जांच में फूड लाइसेंस, साफ-सफाई, पेस्ट कंट्रोल और मैस कर्मचारियों के हेल्थ सर्टिफिकेट से जुड़ी कई अनियमितताएं मिलीं। टीम ने अलग-अलग खाद्य पदार्थों के कुल छह नमूने लेकर जांच के लिए कोटा की खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्रयोगशाला भेजे हैं। वहीं, खाद्य सुरक्षा अधिनियम के लंबित तीन मामलों में कुल 1.03 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। तीन हॉस्टल मैस में पहुंची टीम सीएमएचओ डॉ. मोहम्मद साजिद ने बताया कि खाद्य सुरक्षा दल ने मेडिकल कॉलेज के पीजी बॉयज हॉस्टल, यूजी गर्ल्स हॉस्टल और इंजीनियरिंग कॉलेज झालरापाटन की मैस का जायजा लिया। पीजी बॉयज हॉस्टल की मैस में मौके पर फूड लाइसेंस नहीं मिला। लाइसेंस नहीं मिला, परिसर में भी गंदगी निरीक्षण के दौरान पाया गया कि फूड लाइसेंस निर्धारित स्थान पर प्रदर्शित नहीं किया गया था। मैस परिसर में गंदगी भी मिली। इसके अलावा पेस्ट कंट्रोल सर्टिफिकेट उपलब्ध नहीं था और मैस में काम करने वाले कर्मचारियों के हेल्थ सर्टिफिकेट भी मौके पर नहीं मिले। कर्मचारियों द्वारा हेयर कैप, एप्रन और हैंड ग्लव्स का भी उचित इस्तेमाल नहीं किया जा रहा था। मिर्च-धनिया से लेकर बटर और बेसन तक के नमूने खाद्य सुरक्षा दल ने पीजी बॉयज हॉस्टल की मैस से मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और रिफाइंड सोयाबीन तेल के नमूने लिए। यूजी गर्ल्स हॉस्टल की मैस से बटर और इंजीनियरिंग कॉलेज की मैस से बेसन का नमूना लिया गया। सभी नमूनों को जांच के लिए कोटा स्थित खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्रयोगशाला भेजा गया है। कमियां दूर करने के लिए इंप्रूवमेंट नोटिस निरीक्षण में मिली कमियों को लेकर संबंधित फूड कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत इंप्रूवमेंट नोटिस दिए गए हैं। विभाग के अनुसार तय समय में कमियां दूर नहीं करने या जांच में खाद्य नमूने फेल पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी जी.एस. गुर्जर, आशीष सिंह कुशवाहा और जगदीश चंद्र नागर शामिल रहे। तीन मामलों में 1.03 लाख रुपए का जुर्माना डॉ. मोहम्मद साजिद ने बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत लंबित प्रकरणों का निस्तारण करते हुए न्याय निर्णय अधिकारी एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट झालावाड़ रामचंद्र खटीक ने तीन मामलों में संबंधित खाद्य कारोबारकर्ताओं पर जुर्माना लगाया। जैन मिल्क प्रोडक्ट, भवानीमंडी: पनीर का नमूना अवमानक पाए जाने पर 31 हजार रुपए जुर्माना। श्री कृष्णा दूध डेयरी, खानपुर: पनीर का नमूना अवमानक पाए जाने पर 21 हजार रुपए जुर्माना। महावीर एंटरप्राइजेज, बस स्टैंड झालावाड़: बिना खाद्य अनुज्ञा पत्र के खाद्य कारोबार करने पर 51 हजार रुपए जुर्माना। इस तरह तीनों प्रकरणों में कुल 1,03,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना राशि एक माह के भीतर जमा करना आवश्यक है। निर्धारित अवधि में राशि जमा नहीं करने पर खाद्य अनुज्ञा पत्र के संबंध में कार्रवाई के साथ वसूली की कार्रवाई की जाएगी।
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