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IRCTC Money Laundering: Lalu, Rabri और Tejashwi पर Delhi Court में चार्ज फ्रेम
दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी प्रसाद यादव और चार अन्य लोगों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप तय करने का आदेश दिया। यह मामला दो IRCTC होटलों के आवंटन में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है। राउज़ एवेन्यू कोर्ट के स्पेशल जज विशाल गोगने ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के अपराध का मजबूत संदेह है। अदालत ने बचाव पक्ष की इस दलील को भी खारिज कर दिया कि जांच राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित थी; अदालत ने कहा कि जांच की प्रकृति, समय और तौर-तरीके ऐसे किसी निष्कर्ष का समर्थन नहीं करते हैं। इसे भी पढ़ें: BJP महंगाई से ध्यान भटकाने के लिए बना रही सांप्रदायिक माहौल: Akhilesh Yadav मुकदमे का सामना कर रहे नौ आरोपियों में लालू प्रसाद, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, लालू के करीबी सहयोगी प्रेम चंद गुप्ता और उनकी पत्नी सरला गुप्ता, सुजाता होटल्स के निदेशक विनय कोचर और विजय कोचर, लारा प्रोजेक्ट्स और सुजाता होटल्स शामिल हैं। अदालत ने सात आरोपियों को मामले से बरी कर दिया. इनमें लालू प्रसाद के दामाद राहुल यादव, गौरव गुप्ता, नथमल कांकरिया, विजय त्रिपाठी, देवकी नंदन तुलस्यान, राजीव रेलन और अभिषेक फाइनेंस प्राइवेट लिमिटेड शामिल हैं। यह मामला 2004 से 2009 के बीच हुई कथित अनियमितताओं से जुड़ा है, जब लालू प्रसाद रेल मंत्री थे। CBI का आरोप है कि रांची और पुरी में रेलवे के BNR होटलों के रखरखाव का कॉन्ट्रैक्ट तय नियमों का उल्लंघन करके सुजाता होटल्स को दिया गया था। आरोपों के मुताबिक, पटना में एक कीमती ज़मीन के बदले सुजाता होटल्स को ये कॉन्ट्रैक्ट दिए गए थे। सुजाता होटल्स के मालिक विनय कोचर और विजय कोचर हैं। करोड़ों रुपये की कीमत वाली यह ज़मीन कथित तौर पर बाज़ार या सर्कल रेट से बहुत कम कीमत पर लालू परिवार से जुड़ी एक कंपनी को ट्रांसफर कर दी गई थी। इसे भी पढ़ें: Sagar में जहरीली शराब से मौतें: Kharge बोले, MP सरकार की लापरवाही ने ली जानें, यह कुशासन है! CBI के मामले में आरोप है कि ज़मीन का यह लेन-देन होटल कॉन्ट्रैक्ट के बदले में किया गया एक तरह का 'क्विड-प्रो-क्वो' (यानी 'कुछ के बदले कुछ') था। एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया था कि यह प्रॉपर्टी प्रेम चंद गुप्ता की पत्नी सरला गुप्ता से जुड़ी एक कंपनी के ज़रिए ट्रांसफर की गई थी। इसके बाद ED ने CBI के आरोपों के आधार पर 'प्रिवेंशन ऑफ़ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट' (PMLA) के तहत मामला दर्ज किया और इन लेन-देन से हुई कथित अवैध कमाई की जांच शुरू की। देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।
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