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जीएमसीएच में 188 जीएनएम की तैनाती, 140 का योगदान
सिटी रिपोर्टर|बेतिया : जीएमसीएच में 188 जीएनएम की तैनाती होगी। फिलहाल नई नियुक्ति के तहत140 जीएनएम ने योगदान कर लिया है। अस्पताल में पहले से कार्यरत जीएनएम में करीब 36 ने अपना स्थानांतरण करा लिया है। पुराने कर्मियों के स्थानांतरण और नए कर्मियों के योगदान के बीच अस्पताल की नर्सिंग व्यवस्था को संतुलित करने की कवायद जारी है। नई नियुक्ति से मरीजों की देखभाल और विभिन्न वार्डों में नर्सिंग सेवाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है। जीएमसीएच अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि अस्पताल में पहले 140 जीएनएम कार्यरत थे। इनमें से करीब 36 का स्थानांतरण हुआ है। वहीं, नई नियुक्ति के तहत 188 जीएनएम की तैनाती होनी है, जिसमें अब तक 140 ने कार्यभार संभाल लिया है। शेष कर्मियों के योगदान करने से अस्पताल की व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी। उन्होंने बताया कि यहां आने वाले मरीजों की देखभाल व उनके इलाज को बेहतर सुविधा मिलेगी। जीएमसीएच में प्रतिदिन 1500 से 2000 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। ओपीडी, इमरजेंसी और विभिन्न वार्डों में मरीजों के दबाव के बीच नर्सिंग कर्मियों की भूमिका अहम होती है। ऐसे में पुराने कर्मियों के स्थानांतरण के बाद नए जीएनएम का योगदान अस्पताल के लिए महत्वपूर्ण है। इससे मरीजों की निगरानी, दवा देने, उपचार के दौरान देखभाल और वार्डों में सेवाओं के संचालन में सहूलियत मिलने की उम्मीद है। अधीक्षक ने बताया कि छठ महापर्व के बाद अस्पताल में 12 बेड के आइसीयू को 24 बेड का करने की योजना है। इसके अलावा गंभीर मरीजों के उपचार के लिए विभिन्न विभागों में आइसीयू और पीसीयू सुविधाओं के विस्तार की तैयारी है। इन सेवाओं के संचालन के लिए पर्याप्त नर्सिंग स्टाफ जरूरी है। नई नियुक्ति से अस्पताल को इस दिशा में भी मदद मिलने की उम्मीद है। 188 जीएनएम की प्रस्तावित तैनाती में अब तक 140 के योगदान के बाद शेष कर्मियों के आने का इंतजार है। उनके योगदान से नर्सिंग सेवाओं की उपलब्धता और बेहतर होने की संभावना है।
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