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जहां कभी बंदूक थी, वहां बंधा रिश्तों का धागा...
रायपुर : कलाई आगे बढ़ी तो कुछ पल के लिए जैसे समय ठहर गया। सामने सुरक्षा बल का जवान था और हाथ में राखी लिए खड़ी थी वह महिला, जिसकी जिंदगी के करीब 25 साल जंगल, नक्सली संगठन और संघर्ष के बीच बीते थे। कभी जिस वर्दी को देखकर मन में टकराव और अविश्वास पैदा ... The post जहां कभी बंदूक थी, वहां बंधा रिश्तों का धागा... appeared first on Anmol News24 .
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