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जैन समाज के पर्युषण-पर्व के बाद भी जारी रहेगी आराधना:16 से 18 सितंबर तक होंगे पारणा और सम्मान, सामूहिक क्षमायाचना भी होगी
आत्म उत्क्रांति आध्यात्मिक चातुर्मास-2026 के तहत पर्युषण महापर्व के बाद भी दादाबाड़ी और सदर बाजार जैन मंदिर में धार्मिक कार्यक्रम जारी रहेंगे। 16 से 18 सितंबर तक तपस्वियों के पारणा, तप आराधकों के सम्मान, वरघोड़ा और सामूहिक क्षमायाचना के कार्यक्रम होंगे। 16 सितंबर को सुबह 7.30 बजे दादाबाड़ी के श्री जिनकुशल सूरी हॉल में तपस्वियों का सामूहिक पारणा होगा। इसमें मंजुलाश्रीजी आदि ठाणा की मौजूदगी रहेगी। 17 सितंबर को सुबह 8 बजे तप आराधकों का वरघोड़ा निकलेगा। सुबह 9 बजे तपस्वियों का सम्मान और 10 बजे सामूहिक क्षमायाचना होगी। इसके बाद साधार्मिक वात्सल्य का आयोजन किया जाएगा। वहीं 18 सितंबर को सुबह 9 बजे दादाबाड़ी में सम्मेद शिखर तप आराधकों का पारणा होगा। इस कार्यक्रम में भी मंजुलाश्रीजी म.सा. आदि ठाणा की मौजूदगी रहेगी। श्रावक-श्राविकाओं ने किए उपवास सदर बाजार जैन मंदिर में संवत्सरी के अवसर पर विशेष सजावट की गई है। मंदिर में रंगोली और भगवान की आंगी सजाई गई है। पुरुषों की ओर से मांडला भी तैयार किया गया है। मंदिर प्रबंधन के अनुसार श्रद्धालु इन सजावटों के साथ भगवान के दर्शन कर सकते हैं। चातुर्मास के दौरान कई श्रावक-श्राविकाओं ने उपवास किए। इनमें निखिल बाखड़ा ने 11 उपवास किए। मौली भंसाली, प्रेरणा सुराना और नेहल बैद ने 10-10 उपवास किए। गुण बरलोटा और हर्ष पुगालिया ने 9-9, जबकि अनायशा कानूगा, नवनीत दुग्गड़ और कल्पना लुंकड़ ने 8-8 उपवास किए। मंजू बाई कोटेचा का तेला भी पूरा हुआ। सभी तपस्वियों का श्रीसंघ की ओर से सम्मान किया गया। सामूहिक क्षमायाचना भी होगी 16 से 18 सितंबर तक होने वाले कार्यक्रमों में तपस्वियों के पारणा और सम्मान के साथ सामूहिक क्षमायाचना भी होगी। आयोजकों ने श्रीसंघ के श्रद्धालुओं से इन कार्यक्रमों में शामिल होने की अपील की है।
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