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*”जनगणमन” और “वंदे मातरम्” ही क्यों, सब कुछ ही पूरा-पूरा पढ़िए!*
1.यदि किसी रचना, श्लोक या मंत्र के एक स्वीकृत अंश को बोलना इसलिए अधूरा माना जाएगा कि उसका पूरा मूल पाठ नहीं पढ़ा गया तो यह सिद्धांत चुनीदा रूप से केवल “वंदे मातरम्” पर क्यों लागू हो? फिर उसे भारत के हर प्रसिद्ध सूत्र पर लागू कीजिए। अकेला “वंदे मातरम्” ही क्यों, “जनगणमन” भी पूरा [...]
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