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जेके लोन अस्पताल में डिलीवरी के बाद महिला की मौत:11 घंटे तक हुई ब्लीडिंग,परिजनों ने लगाया डॉक्टरों पर लापरवाही और मारपीट का आरोप
कोटा के सबसे बड़े मातृ और शिशु अस्पताल जेके लोन में डिलीवरी के बाद महिला की मौत का मामला सामने आया है। मृतका के परिजनों ने हॉस्पिटल प्रशासन, ऑन-ड्यूटी डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ पर इलाज में लापरवाही और परिजनों के साथ अभद्रता और मारपीट का आरोप लगाया है। मृतका की पहचान गंगोत्री सैनी (34) पत्नी राकेश सैनी के रूप में हुई है। वह कैथून रोड स्थित खेडारामपुर की रहने वाली थी। 11 घंटे तक होती रही ब्लीडिंग महिला को शनिवार को करीब शाम 5 बजे कोटा के जेके लोन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शनिवार देर रात करीब 11 बजे महिला ने सामान्य डिलीवरी के जरिए बच्चे को जन्म दिया, लेकिन डिलीवरी के तुरंत बाद से ही महिला की तबीयत लगातार बिगड़ने लगी और ब्लीडिंग शुरू हो गई। महिला के परिजनों ने तुरंत मेडिकल स्टॉफ को इसकी जानकारी दी। परिजनों का आरोप है कि इस दौरान स्टाफ सिर्फ आश्वासन देता रहा। और ब्लीडिंग रोकने के लिए स्टाफ की तरफ से कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए। महिला के पति राकेश सैनी ने कहा कि रविवार को दिनभर महिला की हालत बिगड़ती रही। इस दौरान उसे 10 से 12 यूनिट ब्लड चढ़ाया गया, लेकिन डॉक्टरों की लापरवाही के चलते ब्लीडिंग पर काबू नहीं पाया जा सका। उनकी पत्नी ने आज सुबह करीब 5 बजे दम तोड़ दिया। राकेश सैनी ने बिलखते हुए आरोप लगाया कि जब उन्होंने अपनी पत्नी की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों से सही इलाज करने या उच्च केंद्र रेफर करने की गुहार लगाई, तो अस्पताल स्टाफ ने उनके साथ बदसलूकी की। परिजनों ने दिया धरना घटना के बाद मृतका के परिजन सुबह से ही हॉस्पिटल के बाहर धरने पर बैठे हुए थे। परिजनों की मांग थी कि इस मामले में बड़े स्तर पर जांच हो और परिजनों को मुआवजा मिले। फिलहाल धरना समाप्त कर दिया गया है। मृतका का पोस्टमॉर्टम किया जा रहा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल; मारपीट और धमकी का आरोप पति राकेश सैनी ने बिलखते हुए आरोप लगाया कि जब उन्होंने अपनी पत्नी की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों से सही इलाज करने या उच्च केंद्र रेफर करने की गुहार लगाई, तो अस्पताल स्टाफ ने उनके साथ बदसलूकी की। आरोप है कि स्टाफ और डॉक्टरों ने परिजनों के साथ हाथापाई की, झापड़ मारे और उन्हें चुप रहने की धमकी दी। जेके लोन अस्पताल की अधीक्षक डॉ निर्मला ने बताया कि महिला को लास्ट समय में डिलीवरी के लिए जेके लोन लाया गया था, पहले उसका कैथून में ही प्राइवेट डॉक्टर से इलाज चल रहा था। उसकी नॉर्मल डिलीवरी हुई थी। बाद में अचानक उसका बीपी फ्लकचुएट होने लगा, बीपी कभी ज्यादा तो कभी कम होने लगा। इसके बाद ब्लीडिंग शुरू हो गई। डॉक्टर्स ने पूरी कोशिश की लेकिन बाद में उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगी। वहीं, उपखंड अधिकारी गजेंद्र सिंह ने बताया कि मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम करवाया जा रहा है। पोस्टमॉर्टम के बाद ही मृत्यु के कारणों का पता चल सकेगा। बाकी जो भी नियमानुसार परिवार की मदद की जा सकेगी वह की जाएगी।
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