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क्लास में पहुंचे DM, टीचर बन बच्चों को पढ़ाया:बरहट के 3 स्कूलों का इंस्पेक्शन किया, बच्चों से पूछे सवाल; साथ बैठकर खाया मिड-डे मील
जमुई में स्कूल निरीक्षण के दौरान गुरुवार को डीएम का खास अंदाज देखने को मिला। बरहट प्रखंड के एक स्कूल में पहुंचे डीएम खुद क्लास में शिक्षक बन गए। उन्होंने बच्चों को पढ़ाया और उनसे सवाल-जवाब कर उनके ज्ञान का स्तर परखा। डीएम के इस अंदाज से क्लास का माहौल भी आसान हो गया। डीएम ने बरहट प्रखंड के तीन स्कूलों का निरीक्षण किया। इनमें शुक्रदास यादव मेमोरियल राजकीय उच्च विद्यालय बरहट, आदर्श राजकीय बुनियादी विद्यालय बरहट और उत्क्रमित मध्य विद्यालय ललमटिया शामिल हैं। उन्होंने क्लास में जाकर बच्चों से बातचीत की और पढ़ाई के बारे में जानकारी ली। बुनियादी सुविधाओं का भी लिया जायजा डीएम ने सिर्फ क्लास में पढ़ाई की स्थिति ही नहीं देखी, बल्कि स्कूल में मिलने वाले मिड-डे मील की गुणवत्ता भी खुद जांची। उन्होंने बच्चों के साथ बैठकर खाना खाया। इस दौरान भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और मात्रा के बारे में जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान डीएम ने शिक्षकों और कर्मचारियों की हाजिरी, पढ़ाई-लिखाई की स्थिति, स्कूल के रिकॉर्ड, शौचालय, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और स्कूल प्रबंधन को व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए। बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर फोकस जिला प्रशासन के अनुसार, हाल ही में जिला समन्वय समिति की बैठक में डीएम ने जिले के सभी बड़े अधिकारियों को एक-एक स्कूल गोद लेने का निर्देश दिया था। इसी व्यवस्था को लागू करने के लिए गुरुवार को जिले के सभी स्कूलों में अधिकारियों ने निरीक्षण किया। प्रशासन का जोर सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर है। डीएम ने अधिकारियों को निरीक्षण अभियान को तेज करने और स्कूलों की स्थिति में सकारात्मक बदलाव लाने को कहा। जिला प्रशासन ने अभिभावकों से भी बच्चों को रोजाना स्कूल भेजने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि सरकार द्वारा नियुक्त योग्य शिक्षकों का पूरा फायदा बच्चों को तभी मिलेगा, जब वे रोजाना स्कूल आएंगे।
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