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कानपुर मंडलायुक्त ने फिर से सड़कों का निरीक्षण किया:बोले- तय समय पर काम पूरा नहीं हुआ तो होगा एक्शन, एक फर्म को ब्लैकलिस्टेड किया
कानपुर मंडलायुक्त के. विजयेन्द्र पांडियन शनिवार को फिर से खराब सड़कों का हाल जानने के लिए नगर आयुक्त समेत अन्य अफसरों के साथ सड़क पर उतरे। मंडलायुक्त ने कहा कि नगर निगम, केडीए, पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई के अफसरों को 15 दिन में सड़कों को गड्ढामुक्त करने का आदेश दिया है। लापरवाही पर एक फर्म को ब्लैकलिस्ट करते हुए ठेकेदारों को साफ तौर पर चेतावनी देते हुए कहा कि अगर निर्धारित समय पर सड़क बनाने या मेंटेनेंस का काम पूरा नहीं किया गया तो उनकी फर्मों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। अगर किसी अफसर ने लापरवाही की तो उसके खिलाफ एक्शन होगा। वहीं, दूसरी तरफ सीएम ग्रिड की सड़कों का भी हाल जाना। उन्होंने सीएम ग्रिड की निर्माणाधीन सड़कों को भी चलने योग्य बनाने और 31 अक्टूबर तक सीएम ग्रिड की सभी सड़कों का काम पूरा करने का अल्टीमेटम दिया है। निर्माणाधीन सड़क के फुटपाथ पर अतिक्रमण देख भड़के मंडलायुक्त के. विजयेन्द्र पांडियन ने शनिवार को सीएम ग्रिड योजना के तहत बन रही सड़कों और पैचवर्क का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को पैच मरम्मत में तेजी लाकर 15 दिन के भीतर शहर की सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए। साथ ही सीएम ग्रिड के कार्य हर हाल में 31 अक्टूबर तक पूरे करने को कहा। स्पष्ट किया कि तय समय में काम पूरा नहीं करने वाली फर्मों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। मंडलायुक्त ने सबसे पहले जोन-2 के जाजमऊ क्षेत्र में सीएम ग्रिड योजना के तहत जेके प्रथम से पैसिफिक लॉन और वीआईपी रोड से लाल बंगला चौराहा तक बन रही सड़क का निरीक्षण किया। इस दौरान नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय, नगर निगम के मुख्य अभियंता समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि योजना के तहत 2.4 किलोमीटर सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। यहां व्हाइट टॉपिंग पद्धति से सड़क बनाई जा रही है। इस तकनीक का इस्तेमाल विशेष रूप से उन स्थानों पर किया जाता है, जहां जलभराव की समस्या रहती है। अधिकारियों के अनुसार, व्हाइट टॉपिंग से बनी सड़क 20 से 25 वर्ष तक क्षतिग्रस्त नहीं होती और आवागमन सुचारु रहता है। इस मार्ग के निर्माण की निर्धारित समयसीमा 31 अक्टूबर है। मंडलायुक्त ने निर्माण कार्य युद्धस्तर पर कराते हुए एक माह में पूरा करने के निर्देश दिए। मार्ग पर 60 मीटर की पट्टी में अतिक्रमण के कारण फुटपाथ का काम रुका होने की जानकारी पर उन्होंने अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने और फुटपाथ का निर्माण शुरू कराने को कहा। स्पष्ट किया कि 31 अक्टूबर तक काम हर हाल में पूरा होना चाहिए, अन्यथा संबंधित कार्यदायी संस्था को काली सूची में डालने की कार्रवाई की जाए। मानक के अनुसार पैचवर्क कराने का आदेश इसके बाद मंडलायुक्त ने वीआईपी रोड से लाल बंगला के बीच चल रहे पैच मरम्मत कार्य का जायजा लिया। मौके पर कार्य प्रगति पर मिला। उन्होंने कहा कि बरसात अब समाप्ति की ओर है, इसलिए पैच मरम्मत के काम में तेजी लाई जाए। मुख्य अभियंता को निर्देश दिए कि अभियान के रूप में कार्य कराते हुए अगले 15 दिनों में शहर की सड़कों को गड्ढामुक्त किया जाए। स्वरूप नगर सीएम ग्रिड रोड पर मलबा देख फटकार लगाई मंडलायुक्त ने जोन-4 में स्वरूप नगर थाने से माता स्वरूप रानी मार्ग होते हुए मटके वाले चौराहे तक सीएम ग्रिड के निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया। यह मार्ग 1.50 किलोमीटर लंबा है। अधिकारियों ने बताया कि यहां कुल 3,000 मीटर सीवर लाइन में से 2,900 मीटर सीवर लाइन डाली जा चुकी है। 3,000 मीटर वाटर लाइन के सापेक्ष 2,500 मीटर का कार्य पूरा हो चुका है। 2,800 मीटर इलेक्ट्रिक डक्ट एवं एचडीपीई पाइप डाले जा चुके हैं, जबकि 2,900 मीटर स्ट्रॉर्म वाटर ड्रेनेज का कार्य पूरा हो गया है। फुटपाथ पर 850 मीटर पीसीसी हो चुकी है और रोड वर्क के तहत 200 मीटर सड़क की मिलिंग पूरी कर ली गई है। शनिवार से पेवर का काम भी शुरू कर दिया गया, जिसे तीन दिन में पूरा किया जाना है। निरीक्षण के दौरान सड़क निर्माण से निकले मलबे को मंडलायुक्त ने शनिवार रात आठ बजे तक हर हाल में हटाने के निर्देश दिए। सड़क पर खुले मैनहोल और चैंबर के आसपास समुचित बैरिकेडिंग कराने को कहा, ताकि आमजन को असुविधा न हो। फुटपाथ की चौड़ाई दो मीटर तक सीमित रखने के निर्देश भी दिए। उन्होंने स्वरूप नगर-माता स्वरूप रानी मार्ग का कार्य भी 31 अक्टूबर तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए। तय समयसीमा में कार्य पूरा नहीं होने पर कार्यदायी संस्था मेसर्स एसएस इन्फाजोन को काली सूची में डालने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
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