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कोटा में BJP बना रही बोर्ड, मेयर नया चेहरा संभव:किन चेहरों पर दांव या हाइब्रिड फॉर्मूला लाएंगे; 97 में से 55 वार्डों में जीती पार्टी
कोटा में बीजेपी ने बीजेपी ने बहुमत हासिल कर दिया है। यहां कुल 100 वार्ड हैं, इनमें से 97 का रिजल्ट आ चुका है। तीन सीटों पर परिणाम आना बाकी है। बीजेपी ने 55 वार्डों में जीत हासिल की है। ऐसे में बीजेपी ने अपना बोर्ड बनाने की तैयारी कर ली है। मेयर पद पर कोई नया चेहरा देखने को मिल सकता है। भाजपा को अपने गढ़ कोटा दक्षिण में बड़ी सफलता मिली। यहां के कुल 40 वार्डों में से बीजेपी ने 27 जीते। कोटा में कांग्रेस को 39 वार्डों में जीत मिली। लाडपुरा विधानसभा के 24 वार्डों में से 15 वार्डों में भाजपा जीती। रामगंजमंडी के 6 वार्डों में भाजपा ने 3 सीटों पर जीत हासिल की। वहीं कांग्रेस के पारंपरिक गढ़ कोटा उत्तर के 30 में से 11 वार्डों में बीजेपी जीती। निर्दलीय प्रत्याशी मजबूत स्थिति में नहीं पिछली बार के मुकाबले इस बार बड़े वार्ड आकार और ज्यादा आबादी के कारण निर्दलीय प्रत्याशी मजबूत स्थिति में नहीं रहे हैं। ज्यादातर वार्डों में सीधा मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच ही रहा, जिसका सीधा फायदा भाजपा के कैडर वोट बैंक को मिला है। चुनाव में जहां कांग्रेस के बड़े नेता केवल अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों तक ही सीमित रहे और एकजुटता का अभाव दिखा, वहीं भाजपा ने अपने बूथ मैनेजमेंट और सांगठनिक ताकत के दम पर बढ़त बनाई। कुल चार निर्दलीय इस बार चुनाव जीते हैं। इसमें वार्ड नंबर 49 का मुकाबला चौंकाने वाला रहा। वार्ड 49 में निर्दलीय कौशल किशोर ने जीत हासिल की है। कौशल किशोर ने बीजेपी के हरमेंन्द्र को हराया। नाम वापसी के आखिरी दिन कौशल के स्कूल में अचानक जांच को लेकर बवाल हो गया। कौशल को 2021 वोट मिले। उन्होंने बीजेपी प्रत्याशी को 515 वोट से हराया। इसके अलावा वार्ड 71, 72 और 77 में निर्दलीय प्रत्याशी जीते हैं। महापौर का पद OBC महिला के लिए आरक्षित कोटा में पहली बार महापौर का पद ओबीसी महिला वर्ग के लिए आरक्षित किया गया है। कोटा नगर निगम में यह चौथी बार होगा जब शहर की कमान महिला के हाथ में होगी। अब रिजल्ट आने के बाद ओबीसी महिला सीट पर चुनाव जीती प्रत्याशियों की नजर पार्टी के कॉल पर है। भाजपा की तरफ से मेयर के नाम को लेकर कोई इशारा अभी तक नहीं किया गया है। लेकिन जीते हुए प्रत्याशी मान कर चल रहे हैं उनका नाम मेयर के लिए आ सकता है। इनमें सबसे आगे नाम है वार्ड 83 से सीमा चौधरी का। यह लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला का खुद का वार्ड है। ऐसे में लोगा की नजर इस वार्ड पर थी। यहां से बीजेपी की सीमा चौधरी ने चुनाव जीता है। सीमा पूर्व पार्षद धीरेन्द्र चौधरी की पत्नी है। धीरेन्द्र चौधरी खुद पार्षद रह चुके हैं। लोकसभा अध्यक्ष खेमे में खास माने जाते हैं। ऐसे में मेयर के लिए सीमा के नाम को लेकर भी चर्चा पार्टी कार्यकर्ताओं में हो रही है। सीमा ने कांग्रेस की सुनीता शर्मा को 1746 वोट से हराया है। BJP की पूर्व प्रदेश मंत्री का नाम भी चर्चा में वार्ड 98 में बीजेपी ने अनुसुईया गोस्वामी को चुनाव मैदान में उतारा। उन्होंने यहां जीत हासिल की है। अनुसुईया गोस्वामी पूर्व प्रदेश मंत्री रह चुकी हैं। बिड़ला खेमे की भरोसेमंद मानी जाती हैं। मेयर के नामों में उनकी भी चर्चा चल रही है। उन्होंने कांग्रेस के आयुष पारेता को 393 वोटों से हराया है। अनुसुईया खुद भी मान कर चल रही है कि उन्हें पार्टी मेयर पद के लिए आगे कर सकती है। प्रतिभा सुमन का भी नाम चर्चा में वार्ड नंबर 64 में बीजेपी की प्रतिभा सुमन चुनाव जीती है। प्रतिभा ने 1805 वोट हासिल करते हुए कांग्रेस की तस्मीन कुरैशी को 372 वोटों से हराया है। प्रतिभा गृहणी हैं और बीजेपी महिला विंग से जुडी हुई हैं। इसके अलावा वार्ड 84 से जीत हासिल करने वाली प्रमिला का नाम भी सामने आया है। प्रमिला ने कांग्रेस की सीमा यादव को 240 वोट से हराया है। हाईब्रिड फॉर्मूला भी ला सकती है पार्टी बीजेपी कार्यकर्ताओं से जानकारी लेने पर सामने आया कि पार्टी सीमा चौधरी को मेयर बना सकती है। हालांकि अभी कुछ स्पष्ट नहीं है। पार्टी सूत्रों से यह भी जानकारी मिल रही है कि पार्टी इस बार बिल्कुल नए चेहरे का नाम मेयर के लिए प्रस्तावित कर सकती है। हाईब्रिड सिस्टम से पार्टी मेयर बना सकती है। इसमें पार्षद चुना हुआ होना जरूरी नहीं है। पार्टी फिलहाल नाम की घोषणा इसलिए नहीं कर रही कि कहीं बगावत न हो। ऐसे में जो नाम चल रहे हैं उनके साथ नए नाम को भी शामिल कर नामाकंन करवाया जा सकता है। यह रहेगा मेयर चुनाव का पूरा कार्यक्रम अब तक पिछले मेयर किस पार्टी के पिछले निकाय चुनाव में ये रही स्थिति
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