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मां को बचाने बेटे ने किया 335 किमी का सफर:खरगोन में महिला ने जहर खाया, रास्ते में बेटे से बोली- मैं मरना चाहती हूं
खरगोन जिले में मां के जहर पीने के बाद बेटे ने उसे बचाने के लिए 335 किमी का सफर तय किया। मां अस्पताल ले जाने से मना करती रही, लेकिन बेटे ने उसकी बात नहीं मानी। पहले बाइक से उसे खरगोन अस्पताल पहुंचाया, फिर हालत गंभीर होने पर एंबुलेंस से देवास के निजी अस्पताल लेकर आया। बुधवार शाम इलाज के दौरान मां की मौत हो गई। गुरुवार को पोस्टमार्टम कर परिजनों को शव सौंप दिया गया। खरगोन जिले के बोकरनिया गांव की रहने वाली 53 वर्षीय कादलीबाई को दो दिन से बुखार था। परिजनों के मुताबिक, 1 सितंबर को परिवार के लोग बाहर गए हुए थे। इसी दौरान कादलीबाई ने जहरीला पदार्थ पी लिया। सूचना मिलने पर बेटा केसरिया घर पहुंचा। मां ने उसे बताया कि उसने ‘दवा’ पी ली है। वह लगातार कह रही थी कि वह मरना चाहती है और उसे अस्पताल न ले जाएं। बेटा 35 किलोमीटर बाइक से खरगोन अस्पताल पहुंचा मां की हालत देखकर बेटे ने उसकी बात नहीं मानी। वह एक साथी के साथ बाइक से कादलीबाई को करीब 35 किलोमीटर दूर खरगोन अस्पताल ले गया। करीब एक घंटे के सफर के बाद वहां कुछ समय तक इलाज चला। हालत गंभीर होने पर बेटे ने कादलीबाई को देवास ले जाने का फैसला किया। इसके बाद एंबुलेंस से उसे करीब 300 किलोमीटर दूर देवास के एक निजी अस्पताल पहुंचाया। देवास लाते समय बेटे से करती रही बात बेटे के अनुसार, देवास लाते समय भी मां बात कर रही थी। वह अपने भाई और बेटे के बारे में पूछ रही थी। बेटे ने जहर पीने का कारण पूछा, लेकिन मां ने कोई साफ वजह नहीं बताई। बेटे को उम्मीद थी कि इलाज के बाद मां बच जाएगी। बुधवार शाम इलाज के दौरान कादलीबाई की मौत हो गई। गुरुवार को जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस जहर पीने के कारणों की जांच कर रही है।
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