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महोबा में 845वें ऐतिहासिक कजली मेले का आगाज:आल्हा-ऊदल के शौर्य की याद में उमड़ा जनसैलाब; राष्ट्रीय मेला बनाने का प्रयास
महोबा में शनिवार को उत्तर भारत के प्रसिद्ध ऐतिहासिक महोबा के 845वें कजली मेले का भव्य शुभारंभ हुआ। प्रभारी मंत्री मनोहर लाल उर्फ मन्नू कोरी, एमएलसी जितेंद्र सिंह सेंगर, सदर विधायक राकेश गोस्वामी, डीएम गजल भारद्वाज और एसपी शशांक सिंह ने फीता काटा। इस दौरान वीर आल्हा-ऊदल और राजकुमारी चंद्रावल की झांकियां देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़ पड़े। हवेली दरवाजा से निकली भव्य शोभायात्रा 12वीं शताब्दी के चंदेल साम्राज्य की वीरगाथा की याद में मेला हवेली दरवाजा स्थित शहीद स्थल से भव्य शोभायात्रा के साथ शुरू हुआ। शोभायात्रा में हाथी और घोड़ों पर सवार वीर आल्हा, ऊदल, राजा परमार और राजकुमारी चंद्रावल की प्रतीकात्मक झांकियां शामिल रहीं। नर्तकों की प्रस्तुतियों और 50 से अधिक घोड़ों के नृत्य ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। झांकियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों को देखने के लिए रास्ते भर लोगों की भीड़ जुटी रही। 1182 ईस्वी की घटना से जुड़ा है मेला कजली मेले का संबंध 1182 ईस्वी की ऐतिहासिक घटना से माना जाता है। मान्यता है कि महोबा की राजकुमारी चंद्रावल अपनी सखियों के साथ कीरत सागर में काजलिया विसर्जन के लिए जा रही थीं। इसी दौरान दिल्ली के शासक पृथ्वीराज चौहान की सेना ने उन पर हमला कर दिया था। वीर आल्हा-ऊदल ने युद्ध में पृथ्वीराज चौहान की सेना को पराजित कर राजकुमारी चंद्रावल को सुरक्षित बचाया था। इसी विजय की स्मृति में महोबा में रक्षाबंधन के अगले दिन विजय पर्व के रूप में कजली मेला मनाने की परंपरा चली आ रही है। राष्ट्रीय मेला घोषित कराने की मांग प्रभारी मंत्री मन्नू कोरी ने कजली मेले के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि मेले को राष्ट्रीय मेला घोषित कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सिफारिश की जाएगी। सदर विधायक राकेश गोस्वामी और एमएलसी जितेंद्र सिंह सेंगर ने भी कजली मेले को राजकीय मेला घोषित कराने के प्रयासों की बात कही। कीरत सागर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम जिलाधिकारी गजल भारद्वाज ने बताया कि कीरत सागर के तटबंध पर आयोजित मेले में ग्रामीण कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। सरोवर में पानी भरा होने के कारण सुरक्षा व्यवस्था को विशेष रूप से मजबूत किया गया है। एसपी शशांक सिंह के मुताबिक, मेले में 7 सीओ, 100 सब इंस्पेक्टर, करीब 300 कांस्टेबल, पीएसी और ट्रैफिक पुलिस की टीमें तैनात की गई हैं। भीड़ पर नजर रखने और सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए विशेष मेला पुलिस चौकी भी स्थापित की गई है। देखें तस्वीरें...
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