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मोदी के जन्मदिन पर दीप जलाने की राजनीति? ‘जलाओ दिए पर रहे ध्यान इतना’
अरुण कुमार त्रिपाठी लिखते हैं कि 'वास्तव में दीप ज्ञान का प्रतीक है। लेकिन जब ज्ञान की कोई नई धारा या संघ के सोच से भिन्न धारा पनपने की कोशिश करे तो उसे फूहड़, अश्लील और क्रूर ढंग से दबा देने की कोशिशें हो रही हैं।' वह गोपाल दास नीरज के गीत 'जलाओ दिए पर रहे ध्यान इतना' का ज़िक्र कर इसको समझाते हैं।
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