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मूंदी में नल टैक्स बढ़ाया, 15दिन से पानी की किल्लत:कांग्रेस ने नगर परिषद घेरा; 3 दिन का अल्टीमेटम230 रुपए से 100 रुपए करने की मांग
मूंदी नगर में पेयजल संकट और बढ़े हुए नल टैक्स के विरोध में मंगलवार को कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। ब्लॉक और नगर कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने रैली निकाली। इस दौरान नगर परिषद की पेयजल व्यवस्था को लेकर नारेबाजी की गई। परिषद कार्यालय के घेराव के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष उत्तमपालसिंह ने ढपली बजाकर विरोध जताया। प्रदर्शन के बाद तहसीलदार वंदना चौहान को ज्ञापन सौंपा गया। इसमें पेयजल व्यवस्था सुधारने और जलकर की दर कम करने की मांग की गई। 15 दिन से बिगड़ी पेयजल व्यवस्था कांग्रेस का आरोप है कि मूंदी के अधिकांश वार्डों में करीब 15 दिनों से पेयजल वितरण व्यवस्था खराब है। पहले एक दिन के अंतराल पर करीब दो घंटे पानी की सप्लाई होती थी। अब बारिश के बावजूद पानी आने का कोई निश्चित समय नहीं है। कांग्रेस के मुताबिक, कई इलाकों में केवल 15 से 30 मिनट पानी दिया जा रहा है। कुछ वार्डों में दो-दो दिन तक नलों में पानी नहीं आ रहा है। इससे लोगों को पेयजल के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 230 रुपए जलकर, फिर भी पर्याप्त पानी नहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष उत्तमपालसिंह ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जलकर बढ़ाते समय परिषद ने दावा किया था कि नई व्यवस्था में बिना मोटर पंप के भी तीसरी मंजिल तक पानी पहुंचेगा। इसके बावजूद 230 रुपए प्रतिमाह जलकर लेने के बाद भी लोगों को नियमित और पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि नगर के पुराने जलस्रोत बंद कर दिए गए हैं। वहीं, केनूद के जलाशय को समय पर नहीं भरने से भी पेयजल संकट बना है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब नागरिकों से बढ़ा हुआ जलकर लिया जा रहा है तो नगर परिषद की जिम्मेदारी है कि उन्हें नियमित और पर्याप्त पानी मिले। पुरानी पानी की टंकियां तोड़ने पर भी सवाल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पहले ट्यूबवेल के जरिए पानी की सप्लाई के दौरान अलग-अलग वार्डों में आरसीसी की पानी की टंकियां बनाई गई थीं। इन टंकियों से जल वितरण व्यवस्था को सुचारू रखने में मदद मिलती थी। कांग्रेस के मुताबिक, वर्तमान नगर परिषद ने इन टंकियों को ध्वस्त कर दिया है। कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था किए पुराने जलस्रोत और पानी की टंकियां बंद करने से पेयजल की समस्या और बढ़ गई है। 100 रुपए करने और एक माह का बिल माफ करने की मांग कांग्रेस ने नगरवासियों को रोज शुद्ध और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही 230 रुपए के जलकर को घटाकर 100 रुपए प्रतिमाह करने की मांग की गई। पेयजल संकट की अवधि का एक महीने का जलकर माफ करने की मांग भी ज्ञापन में रखी गई। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि तीन दिन के भीतर मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो नगर बंद का आह्वान किया जाएगा। इसके बाद नगर परिषद कार्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
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