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नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 10 साल की सजा:शाहजहांपुर में कोर्ट ने 32 हजार रुपए का लगाया जुर्माना, 16 साल बाद आया फैसला
शाहजहांपुर में नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगाकर ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने दोषी राजेश को 10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने उस पर 32 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला वर्ष 2012 का है। अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए सबूतों और गवाहों के बयानों के आधार पर एडीजे-43 कोर्ट ने यह फैसला सुनाया। 2012 में दर्ज कराई गई थी शिकायत मामला रोजा थाना क्षेत्र के एक गांव का है। पीड़िता की मां ने 28 अक्टूबर 2012 को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। महिला के मुताबिक, कन्नौज के बडीलतपुरी मोहल्ले का रहने वाला राजेश जमुही गांव के पतिराम और राजकुमार के घर रुका हुआ था। आरोप था कि घटना वाले दिन सुबह करीब 8 बजे वह उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। पुलिस ने सात गवाहों के बयान कराए पेश शिकायत के बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने भौतिक और मौखिक साक्ष्य, मेडिकल रिपोर्ट और सात गवाहों के बयान अदालत में पेश किए। अदालत ने सुनाई 10 साल की सजा अभियोजन पक्ष की पैरवी और मामले से जुड़े साक्ष्यों को सुनने के बाद एडीजे-43 कोर्ट ने राजेश को दोषी ठहराया। अदालत ने उसे 10 साल के कारावास और 32 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
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