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परिचारी ने कार्यपालक अभियंता पर लगाया भेदभाव का आरोप:जमुई में सिंचाई प्रमंडल में घास उखड़वाने का वीडियो वायरल, बोले-नौकरी से निकालने की मिलती है धमकी
जमुई सिंचाई प्रमंडल कार्यालय में परिचारी से घास उखड़वाने का वीडियो सामने आने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। कार्यालय परिचारी गजेंद्र कुमार चौबे ने कार्यपालक अभियंता गौतम कुमार पर भेदभाव और निर्धारित कार्य के बजाय जबरन सफाई कराने का आरोप लगाया है। यह वीडियो शनिवार को बनाया गया था और रविवार से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। लगभग दो मिनट के इस वायरल वीडियो में गजेंद्र कुमार चौबे कार्यालय परिसर में घास साफ करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में वह यह कहते हुए सुने जा सकते हैं कि उनका नाम गजेंद्र कुमार चौबे है और उनकी पोस्टिंग सिंचाई प्रमंडल कार्यालय में है। उन्होंने बताया कि यह 'साहब का आदेश' है कि उन्हें कार्यालय परिसर की पूरी घास साफ करनी है। वीडियो में एक अन्य व्यक्ति गजेंद्र चौबे से पूछते हैं कि परिचारी का काम घास साफ करना नहीं है, तो वह यह काम क्यों कर रहे हैं। जवाब में चौबे ने कहा कि वह अपने बच्चों के कारण यह काम कर रहे हैं, अन्यथा उन्हें वेतन बंद करने या नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती है। ब्राह्मण जाति का होने के कारण बनाया निशाना गजेंद्र चौबे ने आरोप लगाया कि उन्हें ब्राह्मण जाति का होने के कारण निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि कार्यालय में कुल सात परिचारी कार्यरत हैं, लेकिन अन्य किसी को यह काम नहीं दिया जाता। उन्होंने दिनेश कुमार नामक एक अन्य परिचारी का भी जिक्र किया, जो केवल अटेंडेंस बनाकर चले जाते हैं। वीडियो बनाने वाले व्यक्ति ने गजेंद्र चौबे को बताया कि यह वीडियो उनके अनुरोध पर बनाया गया है और इसे उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा ताकि मामले की जांच हो सके। कार्यपालक अभियंता ने आरोपो को बताया गलत वायरल हो रहा है वीडियो के बारे में कार्यपालक अभियंता गौतम कुमार ने सभी आरोपों को गलत बताया। उन्होंने बताया कि हम डेढ़ साल से जमुई में कार्यरत है। उन्होंने परिचारी के काम को लेकर बताया कि इन्हें पटवन कर वसूली करना है। इस काम में कई कर्मचारी भी लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि 32 स्वीकृत है पिऊन का, उसमें सात परिचारी ही कार्यरत हैं। अधिकांश परिचारी वसूली के कार्य में जाते हैं, जबकि गजेंद्र चौबे की तबीयत खराब रहने के कारण उन्हें कार्यालय में रखा गया है। गजेंद्र चौबे को बरगलाकर बनवाया वीडियो उन्होंने बताया कि कार्यालय में फिलहाल फाइल संबंधी ऐसा कोई काम नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रमंडलीय लेखा पदाधिकारी करुणानिधि सौरभ ने गजेंद्र चौबे को बरगलाकर वीडियो बनवाया है। उनका दावा है कि पिछले दो महीने से उन्हें पटना में रहने के लिए इस तरह की गतिविधियां कराई जा रही थीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गजेंद्र को शराब पिलाकर वीडियो बनवाया गया। उन्होंने यह भी बताया कि इस लोकतांत्रिक व्यवस्था में कोई भी आदमी जातिवाद करके नौकरी नहीं कर सकता है हमारे पर जो भी आरोप लगाया गया है सभी गलत है। गजेंद्र चौबे ने बताया कि उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि सफाई के दौरान उनका वीडियो बनाया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद कार्यपालक अभियंता की ओर से एफआईआर की बात कही गई। इसके बाद उन्होंने साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है।
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