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रक्षा के लिए बँध जाएँ, यही राखी के पर्व की सच्ची सार्थकता
भारत पर्व और त्योहारों की धरती है। यहां मनाया जाने वाला प्रत्येक पर्व अपने भीतर कोई न कोई जीवन-संदेश समेटे हुए है। रक्षाबन्धन भी ऐसा ही पावन पर्व है, जो भाई-बहिन के स्नेह के साथ पूरे समाज को परस्पर रक्षा, सहयोग और उत्तरदायित्व का संदेश देता है। राखी का धागा देखने में भले ही सामान्य हो, लेकिन जब उसमें स्नेह, विश्वास और रक्षा का भाव जुड़ जाता है तो वह साधारण धागा नहीं रहता, बल्कि एक पवित्र बन्धन बन जाता है। आज रक्षाबन्धन के अवसर पर हमें यह विचार करना चाहिए कि क्या केवल सुन्दर राखी खरीदना, भाई की कलाई ...
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