crime
सहारनपुर में MR ने पीकर जान देने की कोशिश की:सुसाइड नोट में लिखा- इस्तीफा देने से इनकार किया तो काम बंद कराया, ट्रांसफर के बाद आउटस्टेंडिंग के नाम पर एक लाख रुपए खर्च कराए
सहारनपुर में एक प्रतिष्ठित फार्मा कंपनी में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) के तौर पर काम करने वाले युवक ने अपने दो मैनेजरों पर उत्पीड़न और मानसिक दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए तेजाब पीकर जान देने की कोशिश की। युवक ने यह कदम उठाने से पहले एक सुसाइड नोट भी लिखा। कमरे में मौजूद साथी की नजर पड़ने और हालत बिगड़ने के बाद उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया। घटना के बाद युवक के भाई ने दोनों मैनेजरों के खिलाफ थाना सदर बाजार में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मुजफ्फरनगर के रामपुरी निवासी लक्ष्य भारद्वाज फार्मा कंपनी में एमआर के पद पर काम करते हैं। वह सहारनपुर के हकीकतनगर में किराए के कमरे में रहते हैं। बुधवार सुबह उन्होंने कमरे में तेजाब पी लिया। हालत बिगड़ने पर उनके साथ रहने वाले साथी को इसकी जानकारी हुई। साथी ने तत्काल लक्ष्य के परिजनों को सूचना दी और उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। समय पर उपचार मिलने से उनकी जान बच गई। घटना से पहले लक्ष्य ने कमरे में एक सुसाइड नोट छोड़ा था। इसमें उन्होंने अपनी नौकरी से जुड़ी परिस्थितियों और दो मैनेजरों पर दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं। लक्ष्य के मुताबिक, वह कंपनी में नौकरी कर रहे थे और उनके मैनेजर उनसे इस्तीफा मांग रहे थे। उन्होंने इस्तीफा देने से इनकार किया तो उनकी वर्किंग रोक दी गई। इसके बाद कंपनी की ओर से उनसे ई-मेल के जरिए जवाब मांगा गया। लक्ष्य का कहना है कि उन्होंने ई-मेल का जवाब दे दिया, लेकिन इसके बाद उन्हें आगे की प्रक्रिया या कंपनी के फैसले के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई। सुसाइड नोट में लक्ष्य ने आरोप लगाया कि उनकी स्थिति के लिए दो मैनेजर जिम्मेदार हैं। उनके मुताबिक दोनों ने उन पर लगातार दबाव बनाया, जिसके चलते वह मानसिक रूप से परेशान हो गए। लक्ष्य ने यह भी आरोप लगाया कि पहले उनका ट्रांसफर हरिद्वार से सहारनपुर कर दिया गया था। उन्हें हरिद्वार की लंबित आउटस्टेंडिंग राशि का हिसाब-किताब पूरा करने के लिए कहा गया था। लक्ष्य के अनुसार, हरिद्वार की आउटस्टेंडिंग क्लियर करने के लिए उन्होंने अपनी पहचान के लोगों के माध्यम से करीब एक लाख रुपए खर्च किए। इसके बाद उन्होंने 7 अगस्त को सहारनपुर में ज्वाइन किया। लक्ष्य का आरोप है कि सहारनपुर आने के बाद उन्हें बताया गया कि कंपनी ने यहां की वैकेंसी बंद कर दी है। उन्होंने अपने खर्च किए गए पैसे वापस मिलने की बात मैनेजरों से कही तो उन्हें नोटिस पीरियड डालने की सलाह दी गई और कहा गया कि इसके बाद उन्हें भुगतान कर दिया जाएगा। इन परिस्थितियों के बीच बुधवार को लक्ष्य ने कथित तौर पर तेजाब पीकर जान देने की कोशिश की। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में भी हड़कंप मच गया। लक्ष्य के साथी ने उनके बड़े भाई गर्वित भारद्वाज को घटना की सूचना दी। इसके बाद गर्वित सहारनपुर पहुंचे और थाना सदर बाजार में दोनों मैनेजरों के खिलाफ शिकायत दी। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है। थाना सदर बाजार प्रभारी निरीक्षक नेमचंद ने बताया कि शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Read full article on Bhaskar