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सुकमा के गोंडिगुड़ा में बजने लगी फोन की घंटी:4 हजार से ज्यादा ग्रामीण मोबाइल नेटवर्क से जुड़े, अब मीलों चलने की जरूरत नहीं
सुकमा जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र गोंडिगुड़ा में नया मोबाइल टॉवर शुरू हो गया है। इससे 4 हजार से ज्यादा ग्रामीणों को मोबाइल नेटवर्क की सुविधा मिलेगी। अब लोगों को फोन करने या जरूरी कॉल के लिए गांव से मीलों दूर नहीं जाना पड़ेगा। गोंडिगुड़ा में मोबाइल टॉवर शुरू होने के बाद आसपास के सुन्नापेंटा, दूंगाबाबू और टेटरई जैसे अंदरूनी गांव भी नेटवर्क से जुड़ गए हैं। लंबे समय से भौगोलिक दिक्कतों और संचार सुविधा की कमी से जूझ रहे इन गांवों के लिए यह बड़ी राहत है। अब ग्रामीण घर बैठे परिवार और रिश्तेदारों से बात कर सकेंगे। जरूरत पड़ने पर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से भी फोन पर संपर्क किया जा सकेगा। बच्चों की पढ़ाई में भी मिलेगी मदद मोबाइल नेटवर्क शुरू होने से गांव के विद्यार्थियों और युवाओं के लिए ऑनलाइन पढ़ाई के रास्ते भी खुले हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र ऑनलाइन क्लास और डिजिटल स्टडी मटेरियल का इस्तेमाल कर सकेंगे। ग्रामीणों को डिजिटल बैंकिंग, डीबीटी और सरकारी योजनाओं की जानकारी लेने में भी आसानी होगी। वनोपज और हस्तशिल्प को मिल सकता है बड़ा बाजार गांव के लोग वनोपज, हस्तशिल्प और लोककला से जुड़े उत्पादों को डिजिटल माध्यम से बड़े बाजार तक पहुंचा सकेंगे। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आमदनी के नए अवसर भी बन सकते हैं। आपात स्थिति में एंबुलेंस, अस्पताल और प्रशासन से तुरंत संपर्क हो पाना भी ग्रामीणों के लिए बड़ी सुविधा होगी। बस्तर में 195 जगहों पर शुरू हुए मोबाइल टॉवर ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर मो. शाहिद ने बताया कि बीएसएनएल की 4जी सैचुरेशन परियोजना के तहत बस्तर संभाग के 195 दुर्गम स्थानों पर नए मोबाइल टॉवर सक्रिय किए गए हैं। इन क्षेत्रों में कॉलिंग और तेज इंटरनेट की सुविधा मिलने से ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी में बदलाव आ रहा है।
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