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सुल्तानपुर में पति-पत्नी और बेटे की एक साथ उठी अर्थी:4 बेटियों ने दिया कंधा; एक चिता पर पति-पत्नी, दूसरी पर बेटे का अंतिम संस्कार
सुल्तानपुर में अखंडनगर के अलीपुर कांपा गांव में मंगलवार शाम 4 बजे पति-पत्नी और उनके इकलौते बेटे की अर्थी एक साथ उठी। परिवार के चारों बेटियों ने शवों को कंधा दिया। घर से करीब 18 किलोमीटर दूर देवाड़ घाट पर शाम 5 बजे अंतिम संस्कार किया गया। एक चिता पर पति-पत्नी और दूसरी पर बेटे का अंतिम संस्कार हुआ। मृतक के छोटे भाई लालमणि गुप्ता ने मुखाग्नि दी। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे थे अलीपुर कांपा निवासी रामलवट, उनकी पत्नी दुर्गावती और 21 साल का बेटा प्रदीप टीवीएस लूना से आजमगढ़ के हड़िया जा रहे थे। उन्हें एक अंतिम संस्कार कार्यक्रम में शामिल होना था। इसी दौरान नरवारी गेट के पास हादसा हो गया। बस की टक्कर से तीनों घायल अखंडनगर की तरफ से आ रही विश्वनाथ पीजी कॉलेज कलां की स्कूल बस ने उनकी लूना में जोरदार टक्कर मार दी। आरोप है कि बस चालक लापरवाही से बस चला रहा था। टक्कर इतनी तेज थी कि प्रदीप की मौके पर ही मौत हो गई। इलाज के दौरान पति-पत्नी ने दम तोड़ा हादसे में रामलवट और दुर्गावती भी गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को सीएचसी अखंडनगर ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल अंबेडकर नगर रेफर कर दिया। वहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। रामलवट के साले कृष्ण मुरारी गुप्ता निवासी सराय कल्याण, कादीपुर की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने स्कूल बस के चालक के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। रात में शव रखकर किया प्रदर्शन हादसे के बाद रात में परिजनों ने अलीपुर बाजार में शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया। परिवार ने मुआवजे की मांग की। सूचना पर प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय हुए। डीएम इंद्रजीत सिंह और एसपी विनीत जायसवाल के निर्देश पर सीओ कादीपुर ने परिवार को समझाने की कोशिश की। विधायक ने दी 50 हजार की मदद कादीपुर विधायक मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिवार को 50 हजार रुपए की आर्थिक मदद दी। इसके अलावा कॉलेज प्रशासन ने अंतिम संस्कार के लिए एक लाख रुपए देने की बात कही। कॉलेज प्रशासन ने बेटियों की मदद का किया वादा कॉलेज प्रशासन ने रामलवट की बड़ी बेटी को उसकी योग्यता के अनुसार स्कूल में नौकरी देने का आश्वासन दिया है। तीनों बेटियों की पढ़ाई मुफ्त कराने और आने-जाने के लिए बस की सुविधा देने की बात कही गई है। स्कूल परिवार ने चारों बेटियों की शादी की जिम्मेदारी लेने की भी बात कही है। इसके अलावा परिवार की जरूरत के अनुसार आगे भी मदद करने का आश्वासन दिया गया है। चार बेटियों के सामने गरीबी का संकट रामलवट नल्ली बेचकर परिवार का गुजारा करते थे। बेटा प्रदीप रिक्शा चलाता था। उसकी शादी नहीं हुई थी। परिवार में अब चार बेटियां ही रह गई हैं। शिवांगी 22 साल, प्रिया 17 साल, नंदिनी 15 साल और रिया 13 साल की हैं। सभी बेटियां पढ़ाई कर रही हैं। तीन लोगों की मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
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