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सरकारी स्कूल का टीचर किताबें कबाड़ी को बेच रहा था:ग्रामीणों ने टैक्सी सहित पकड़ा, शिक्षा विभाग बोला- जांच कराएंगे
शिवपुरी जिले के नरवर ब्लॉक के टोरियाखुर्द गांव के सरकारी स्कूल की पुरानी किताबें कबाड़ में भेजे जाने का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने स्कूल के शिक्षक हरनाथ मौर्य को टैक्सी में किताबें भरकर ले जाते हुए रोक लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब 5 क्विंटल किताबें कबाड़ में बेचने के लिए ले जाई जा रही थीं। वहीं टीचर का कहना है कि किताबें विभाग की मंजूरी के बाद कबाड़ी को दी जा रही थीं। लोगों ने बताया कि स्कूल से करीब 5 क्विंटल पुरानी किताबें टैक्सी में भरकर ले जाई जा रही थीं। जानकारी मिलने पर ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर टैक्सी रोक ली। ये सरकारी स्कूल में बच्चों को पढ़ने के लिए दी जाने वाली किताबें थीं। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से मामले की जांच कराने और यह स्पष्ट करने की मांग की है कि किताबों को हटाने और कबाड़ में देने की प्रक्रिया नियमों के अनुसार की गई थी या नहीं। शिक्षक बोले- जिला शिक्षा अधिकारी को भेजा था प्रस्ताव शिक्षक हरनाथ मौर्य ने बताया कि पुरानी किताबों को हटाने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी आकाश यादव को प्रस्ताव भेजा गया था। उन्होंने बताया कि प्रस्ताव मंजूर होने के बाद ही कबाड़ी को बुलाकर पुरानी किताबें दी जा रही थीं। ग्रामीणों के विरोध के बाद किताबों को वापस स्कूल में रखवा दिया गया। DPC बोले- मंजूरी मिली होती तो जानकारी होती इस मामले में डीपीसी दफेदार सिंह सिकरवार ने कहा कि माध्यमिक विद्यालय की पुरानी किताबों को इस तरह हटाने या बेचने की कोई मंजूरी मिली होती तो उन्हें इसकी जानकारी होती। उन्होंने कहा कि इस मामले में उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई है। डीपीसी ने बताया कि गुरुवार को बीआरसी को विद्यालय भेजकर मामले की जांच कराई जाएगी और जांच प्रतिवेदन तैयार कराया जाएगा। जांच के बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी।
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