education
संस्कृत सप्ताह महोत्सव में नृत्य, वाद्य, गायन प्रतियोगिता हुई:केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों ने दिखाई प्रतिभा
केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, लखनऊ परिसर में आयोजित संस्कृत सप्ताह महोत्सव के अन्तर्गत बुधवार को नृत्य, वाद्य एवं गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपनी प्रतिभा दिखाई। कार्यक्रम में नृत्य प्रशिक्षिका सृष्टि एवं वाद्य प्रशिक्षक अभिषेक शुक्ला के कुशल निर्देशन में प्रतियोगी छात्र-छात्राओं ने नृत्य एवं वादन की मनमोहक प्रस्तुतियां दी। वैभवी विद्या ने विष्णुस्तोत्रम पर भावपूर्ण नृत्य प्रस्तुति के माध्यम से भगवान विष्णु के विभिन्न स्वरूपों एवं भावों का मनोहारी चित्रण किया। पखावज वादन के माध्यम से चौताल की प्रस्तुति दी आकांक्षा ने राम स्तुति की प्रस्तुति में भगवान श्रीराम के बाल्यकाल से लेकर किशोरावस्था तक के विविध रूपों एवं प्रसंगों को भावाभिव्यक्ति के माध्यम से सजीव कर दिया। वही यशी दीक्षित ने पखावज वादन के माध्यम से चौताल की उत्कृष्ट प्रस्तुति देकर अपनी वाद्य प्रतिभा का परिचय दिया। उनकी आकर्षक एवं भावपूर्ण प्रस्तुतियो ने पूरे वातावरण को उल्लास और सांस्कृतिक रंगो से सराबोर कर दिया तथा उपस्थित दर्शकों ने करतल ध्वनि से प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। ऐसी प्रतियोगिताए छात्रो कों प्रतिभा दिखाने का मंच कार्यक्रम की अध्यक्षता ज्योतिष विभाग के वरिष्ठ आचार्य प्रो. मदन मोहन पाठक ने की। उन्होने कहा कि इस प्रकार की रचनात्मक एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताए विद्यार्थियो की प्रतिभा को निखारने के साथ-साथ उनमें आत्मविश्वास, अनुशासन एवं संस्कृत भाषा तथा भारतीय संस्कृति के प्रति अनुराग उत्पन्न करती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को ऐसे आयोजनों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया। इसी क्रम में शिक्षाशास्त्र विभाग के प्रो. गणेश शंकर विद्यार्थी ने कहा कि परिसर में आयोजित विभिन्न शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की गुणवत्ता को प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता से और अधिक बेहतर बनाया जा सकता है। कार्यक्रम का संचालन प्रो. भारत भूषण त्रिपाठी ने किया। इस अवसर पर प्रो. अवनीश अग्रवाल, डॉ. चन्द्रश्री पाण्डेय, डॉ. कृष्णा कुमारी, डॉ. रविकान्त तिवारी, डॉ. उमेश कुमार पाण्डेय सहित परिसर के प्राध्यापकगण एवं छात्र-छात्राए उपस्थित रहे।
Read full article on Bhaskar